गुजरात में प्री-मानसून हलचल: आँधी-बारिश और बिजली का अलर्ट, इन इलाकों पर असर

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Apr 17, 2026, 1:45 PM
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गुजरात मौसम पूर्वानुमान, फोटो: AI Generated

मुख्य मौसम बिंदु

  • 19–23 अप्रैल के बीच गुजरात में प्री-मानसून गतिविधि
  • सौराष्ट्र से शुरू होकर पूरे राज्य में फैलेगी बारिश
  • गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना
  • 24 अप्रैल से मौसम साफ होने के आसार

गुजरात और राजस्थान आमतौर पर प्री-मानसून सीजन में पश्चिम भारत के सबसे गर्म क्षेत्र बन जाते हैं। उत्तर भारत के अन्य हिस्सों के मुकाबले गुजरात में धूलभरी आंधी और गरज-चमक कम देखने को मिलती है, लेकिन यहां तापमान अक्सर 40–45°C के बीच पहुंच जाता है। तटीय इलाकों और अंदरूनी हिस्सों के बीच तापमान का अंतर काफी ज्यादा होता है और नमी के स्तर में भी साफ फर्क देखा जाता है। अब 19 से 23 अप्रैल 2026 के बीच राज्य में बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की परिस्थितियाँ बन रही हैं।

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कई मौसम प्रणालियों का असर, बदलेगा गुजरात का मौसम

इस बदलाव के पीछे कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हो रही हैं, जो गुजरात और पड़ोसी महाराष्ट्र में असर डालेंगी। दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान और आसपास के राजस्थान-गुजरात क्षेत्र में 19 अप्रैल को एक चक्रवाती परिसंचरण बनने जा रहा है। इसके साथ ही उत्तर-पूर्व अरब सागर में एक एंटी-साइक्लोन सक्रिय है, जो कोंकण और गुजरात तट पर नमी भरी हवाएं ला रहा है। इसके अलावा, मध्य महाराष्ट्र से केरल तक एक उत्तर-दक्षिण पवन विच्छेदन रेखा भी बनी हुई है, जिसमें एक परिसंचरण शामिल है और इसका प्रभाव दक्षिण तटीय व मध्य गुजरात के करीब रहेगा। इन सभी के संयुक्त प्रभाव से राज्य में असामान्य मौसम गतिविधियां देखने को मिलेंगी, जो पूरे राज्य में एक साथ नहीं बल्कि अलग-अलग समय पर असर दिखाएंगी।

19 से 23 अप्रैल तक चरणबद्ध बारिश, कुछ हिस्सों पर कम असर

मौसम गतिविधि 19 अप्रैल से सौराष्ट्र क्षेत्र में शुरू होगी, जिसमें कांडला, भावनगर, महुवा, वेरावल, अमरेली, जूनागढ़ और अहमदाबाद तक असर हो सकता है। 20 और 21 अप्रैल को यह बारिश दक्षिण तटीय और मध्य गुजरात तक फैल जाएगी, जिसमें सूरत, वलसाड, वापी, भरूच, अहमदाबाद, गांधीनगर, वडोदरा, आनंद और सुरेंद्रनगर-मोरबी क्षेत्र शामिल होंगे। 22 अप्रैल को इसका दायरा और बढ़कर उत्तर गुजरात और सौराष्ट्र के बाकी हिस्सों तक पहुंच जाएगा। इस पूरे दौर में कच्छ और उत्तर गुजरात के कुछ हिस्सों पर असर कम रहेगा। 23 अप्रैल को गतिविधि बहुत हल्की और छिटपुट रह जाएगी, जबकि 24 अप्रैल से मौसम साफ होने की संभावना है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

19 अप्रैल से सौराष्ट्र क्षेत्र में बारिश शुरू होने की संभावना है।

नहीं, यह गतिविधि अलग-अलग हिस्सों में अलग समय पर देखने को मिलेगी।

कच्छ और उत्तर गुजरात के कुछ हिस्सों में असर कम रहने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है