पूर्वोत्तर में बारिश का कहर, असम-मेघालय सबसे ज्यादा प्रभावित, कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी
पूर्वोत्तर भारत में प्री-मानसून गतिविधियाँ जबरदस्त रफ्तार में हैं। विशेष रूप से असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में असम के गोलपाड़ा में 97 मिमी और लखीमपुर में 96 मिमी वर्षा हुई, जबकि मेघालय के तुरा और सोहरा में क्रमशः 136 मिमी और 56 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। असम और मेघालय के पास स्थित बांग्लादेश के हिस्सों राजरहाट और नेत्रकोणा में भी भारी बारिश के चलते जलभराव जैसे हालात बन गए हैं। इन क्षेत्रों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
Advertisement
Advertisement
सिस्टमों का दबाव: मौसम की गतिविधियाँ हो रही मजबूत
अपर असम और उससे सटे क्षेत्रों में एक चक्रवाती परिसंचरण(चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र) सक्रिय है। एक अन्य चक्रवातीय सिस्टम बिहार और उसके आसपास बना हुआ है। साथ ही, अंडमान सागर में मानसून की धाराएँ तेज हो रही हैं। जल्द ही दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवातीय परिसंचरण विकसित होने की संभावना है। इन सभी सिस्टमों के कारण दक्षिणी हवाओं की तेज धाराएँ पूर्वोत्तर भारत की ओर बढ़ रही हैं, जिससे मौसमी गतिविधियों को और बढ़ावा मिल रहा है। बिहार पर बने परिसंचरण से पूर्व-पश्चिम ट्रफ घाटी में गहराई तक फैल रही है। मौसम प्रणाली की ये सभी विशेषताएं एक साथ मिलकर इस सप्ताह के दौरान पूर्वोत्तर भारत में प्री-मानसून गतिविधि को बढ़ाएंगी, साथ ही अगले सप्ताह तक इसका और विस्तार होगा।
असम, मेघालय और त्रिपुरा सबसे ज्याद प्रभावित
पूर्वोत्तर के सभी राज्यों असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में बहुत भारी बारिश की संभावना है। हालांकि, असम, मेघालय और त्रिपुरा( मौसम देखें ) पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। विशेषकर निचले असम और बांग्लादेश सीमा से सटे मेघालय के इलाकों में भारी और लगातार बारिश का खतरा अधिक है। यह प्री-मानसूनी बारिश पड़ोसी जिले सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तक फैल जाएगी।
संवेदनशील जिले और शहर
निचले असम में धुबरी, गोलपाड़ा, बोंगाईगांव, बारपेटा, कोकराझार, नलबाड़ी, कामरूप, गुवाहाटी और दिसपुर अधिक प्रभावित हो सकते हैं। मेघालय में खासी, गारो और जैंतिया पहाड़ी क्षेत्रों के साथ-साथ शिलांग, बड़ापानी, नोंगपो, चेरापूंजी, मासिनराम, जोवाई, विलियमनगर, बाघमारा और तुरा जैसे इलाकों में भी खराब मौसम की चेतावनी है।
यह भी पढ़ें: धूल की चादर में लिपटा दिल्ली-NCR, सांस लेना हुआ मुश्किल, प्रदूषण चरम पर
Advertisement
बिजली, तूफ़ान और भूस्खलन का खतरा
इस मौसम गतिविधि के दौरान ज़ोरदार बिजली चमकने, तेज आंधी-तूफान और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। ज्यादतर बारिश शाम, रात और सुबह के समय होगी। कई जल निकायों के उफान पर आने और भूस्खलन की भी आशंका है। इससे सड़क मार्ग, संचार व्यवस्था और सामान्य जनजीवन पर गंभीर असर पड़ सकता है, इसलिए सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।
















