मुंबई में कल से थमेगी मूसलाधार बारिश, अगले एक सप्ताह तक सामान्य रहेगा मौसम, जानें पूरा मौसम पूरा पूर्वानुमान

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jul 8, 2026, 1:55 PM
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मुंबई मौसम अपडेट, फोटो: AI-Generated

मुख्य मौसम बिंदु

  • मुंबई में 23 जून को करीब दो सप्ताह की देरी से मानसून पहुंचा।
  • जुलाई के पहले 8 दिनों में 1100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई।
  • कमजोर पड़ते लो प्रेशर और ऑफशोर ट्रफ के कारण भारी बारिश कम होगी।
  • अगले सप्ताह केवल हल्की और छिटपुट बारिश की संभावना है।
  • पूर्वानुमान वैधता: यह विश्लेषण और पूर्वानुमान 9 जुलाई से 17 जुलाई 2026 तक लागू है।

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देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही तेज मानसूनी बारिश हो रही है। जिस कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है और कई जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इस साल मानसून सामान्य तिथि 11 जून के बजाय करीब दो सप्ताह की देरी से 23 जून 2026 को मुंबई पहुँचा। हालांकि यह 2023 में सबसे देर से पहुंचे मानसून (25 जून) का रिकॉर्ड नहीं तोड़ सका। जून के तीसरे सप्ताह तक लगभग बारिश नहीं हुई, लेकिन 23 जून को मानसून के आगमन के साथ ही 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। इसके बाद 1 जुलाई से शुरू हुई भारी बारिश बिना रुके अभी तक जारी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश का सिलसिला अभी एक दिन और चल सकता है, जिसके बाद मुंबईवासियों को बारिश से करीब एक सप्ताह का राहत भरा ब्रेक मिलने की संभावना है।

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जुलाई की शुरुआत रिकॉर्ड बारिश के साथ, 8 दिनों में 1100 मिमी से ज्यादा वर्षा

मुंबई में जुलाई का महीना हमेशा से भारी बारिश के लिए जाना जाता है। वर्ष 2018 से 2024 के बीच जुलाई में सात बार सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। जुलाई 2023 जो अल नीनो वर्ष था, इसमें पूरे महीने 1771 मिमी बारिश हुई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है। इस साल भी जुलाई की शुरुआत बेहद तेज बारिश के साथ हुई है। जुलाई के पहले आठ दिनों में ही शहर में 1100 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज हो चुकी है और बारिश का सिलसिला अभी जारी है। हालांकि अनुमान है कि जल्द ही इस लगातार बारिश से राहत मिलेगी और शहर को लंबे समय बाद सांस लेने का मौका मिलेगा।

कमजोर पड़ रहे मौसम सिस्टम, इसलिए जल्द कम होगी बारिश

कोंकण तट और खासकर मुंबई में भारी बारिश की मुख्य वजह इस मौसम के पहले डिप्रेशन का अवशेष निम्न दबाव क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) है, जो फिलहाल उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना हुआ है। इस सिस्टम के कारण कोंकण तट पर मानसूनी पश्चिमी हवाएं तेज बनी हुई हैं, जिससे पश्चिमी घाट और मुंबई में लगातार बारिश हो रही है। लेकिन अब यह निम्न दबाव क्षेत्र धीरे-धीरे कमजोर होगा। इसके साथ मौजूद चक्रवाती परिसंचरण पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तराई की ओर खिसकते हुए समाप्त हो जाएगा। इसके अलावा दक्षिणी तटीय गुजरात से तटीय कर्नाटक तक बना उत्तर-दक्षिण अपतटीय ट्रफ(North-South offshore trough) भी कमजोर पड़ रही है।

एक सप्ताह तक मिलेगी राहत, केवल हल्की बारिश की संभावना

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक बंगाल की खाड़ी में कोई नया मानसूनी सिस्टम बनने की संभावना नहीं है। यही कारण है कि मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में जारी भारी बारिश धीरे-धीरे कम होने लगेगी। तेज बारिश का दौर समाप्त होने के बाद शहर और उपनगरों में केवल हल्की बारिश देखने को मिलेगी। अनुमान है कि भारी बारिश से लगभग एक सप्ताह तक राहत रहेगी, जिससे जलभराव, यातायात और जनजीवन को सामान्य होने का समय मिलेगा।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश पर बने कमजोर निम्न दबाव क्षेत्र और कोंकण तट पर तेज मानसूनी पश्चिमी हवाओं के कारण मुंबई में लगातार भारी बारिश हो रही है।

अगले एक दिन तक तेज बारिश की संभावना है। इसके बाद बारिश की तीव्रता घटेगी और करीब एक सप्ताह तक केवल हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

हां, वर्तमान मौसम प्रणालियां कमजोर पड़ रही हैं और बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनने की संभावना नहीं है। इसलिए अगले कुछ दिनों में लगभग एक सप्ताह का मानसून ब्रेक मिल सकता है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है