4 दिन की राहत के बाद दिल्ली-एनसीआर की हवा फिर हुई जहरीली, AQI वापस ‘बेहद खराब’ श्रेणी में
मुख्य मौसम बिंदु
- दिल्ली की हवा फिर ‘बेहद खराब’ श्रेणी में।
- हवा की कम रफ्तार से प्रदूषक सतह पर जमा।
- 15 दिसंबर से हवा तेज होने की संभावना।
- बारिश न होने से प्रदूषण में राहत मुश्किल।
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दिल्ली-एनसीआर में पिछले 4–5 दिनों से धीरे-धीरे सुधार दिखाई दे रहा था। लेकिन अब फिर से दिल्ली की वायु गुणवत्ता एक बार फिर ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है। इससे पहले शहर के अधिकांश हिस्सों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘खराब’ श्रेणी में था, जिसकी वजह पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने वाली मध्यम गति की हवाएँ थीं। ये हवाएँ सुबह के शुरुआती और रात के घंटों में भी जारी रहीं, जिससे प्रदूषकों का बिखराव होता रहा। आमतौर पर इन घंटों में हवा शांत या हल्की परिवर्तनशील दिशा में रहती है, जो प्रदूषकों के जमा होने के लिए अनुकूल रहती है।
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एयर क्वालिटी पहले क्यों सुधरी थी?
वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए दो प्रमुख मौसम कारक जिम्मेदार होते हैं, जिसमें पहला होता है मध्यम से तेज हवाएं जो प्रदूषकों को फैलाती हैं और उन्हें सतह के पास जमा होने से रोकती हैं। वहीं, दूसरा कारण होता है बहुत भारी बारिश जो हवा में मौजूद कणों को धो देती है और वातावरण को काफी हद तक साफ कर देती है। गौरतलब है, पिछले कुछ दिनों में मुख्य रूप से मध्यम हवाएँ चलने से दिल्ली की वायु गुणवत्ता में अस्थायी सुधार हुआ था।
वायु गुणवत्ता फिर क्यों बिगड़ी?
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में अब हवा की गुणवत्ता में सुधार रुक गया है। एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) पश्चिमी हिमालय की ओर बढ़ रहा है, जिसके कारण उत्तरी मैदानी हिस्सों जिसमें दिल्ली भी शामिल है में हवा की गति कम हो गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान दिन में हवाएँ हल्की रहीं और रात के समय लगभग शांत रही हैं। ऐसे हालात प्रदूषकों को सतह के पास जमा होने देते हैं, जिससे AQI वापस ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुँच गया है।
बारिश से राहत की उम्मीद नहीं
आने वाले सप्ताह में उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी हिस्सों में बारिश की संभावना नहीं है। बारिश न होने की स्थिति में वातावरण को स्वाभाविक रूप से साफ होने का मौका नहीं मिलेगा, इसलिए प्रदूषण हटाने के लिए मौसम अनुकूल नहीं है।
कब मिल सकती है राहत?
15 दिसंबर से स्थिति में कुछ सुधार की उम्मीद है, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने के बाद हवा की गति दोबारा बढ़ सकती है। तेज हवाएँ प्रदूषकों के बिखराव में मदद करेंगी और AQI कुछ स्थानों पर ‘खराब’ या ‘मध्यम’ श्रेणी में लौट सकता है। तब तक दिल्लीवासियों को खराब वायु गुणवत्ता का सामना करना पड़ सकता है, खासकर सुबह और शाम के समय। इस दौरान बच्चों, बुजुर्ग और श्वसन संबंधी समस्याओं वाले लोगों को सावधानी बरतने और उच्च प्रदूषण समय में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जाती है।
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