दिल्ली में ठंड का रिकॉर्ड टूटा, तीन साल में सबसे सर्द रात, इस दिन से बढ़ेगा तापमान
मुख्य मौसम बिंदु
- दिल्ली में न्यूनतम तापमान 2.9°C, तीन साल का सबसे निचला स्तर
- दिल्ली में लगातार चौथा कोल्ड वेव डे
- 16–18 जनवरी के बीच तापमान में बढ़ोतरी के आसार
- 23–26 जनवरी के बीच उत्तर भारत में व्यापक बारिश की संभावना
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दिल्ली में इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया है। आज 15 जनवी की सुबह सफदरजंग स्थित बेस स्टेशन पर न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पिछले तीन वर्षों का सबसे कम है। इससे पहले 16 दिसंबर 2023 को न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। बीते दो दशकों में सफदरजंग स्टेशन पर केवल तीन बार तापमान 2 डिग्री से नीचे गया है, जिसमें सबसे कम 1.1 डिग्री सेल्सियस (01 जनवरी 2021) दर्ज हुआ था। हालांकि, अब तापमान के और गिरने की संभावना कम है और 16 से 18 जनवरी के बीच तापमान बढ़ने के आसार हैं।
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लगातार चौथा कोल्ड वेव डे, पाला से कांपी राजधानी
दिल्ली के अधिकतर मौसम केंद्रों पर 15 जनवरी का तापमान लगभग समान दर्ज किया गया। लोधी रोड स्थित मौसम कार्यालय, जो आज अपना 151वां स्थापना दिवस मना रहा है, वहां भी कड़ाके की ठंड रही। वहीं, पालम एयरपोर्ट स्टेशन पूरे क्षेत्र में सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो इस सीजन का सबसे कम है। दिल्ली में यह लगातार चौथा कोल्ड वेव डे रहा। हालांकि राहत की खबर यह है कि शीत लहर जल्द कमजोर पड़ेगी और सप्ताहांत तक न्यूनतम तापमान 7–8 डिग्री तक पहुंच सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ से बादल, हल्की बारिश के संकेत
एक पश्चिमी विक्षोभ गुरुवार से पश्चिमी हिमालय की ओर बढ़ेगा। इसके असर से 17 जनवरी 2026 को उत्तर राजस्थान और हरियाणा पर एक चक्रवाती परिसंचरण बनेगा, जो 18–19 जनवरी के बीच दिल्ली होते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा। मौसम गतिविधियां मुख्य रूप से पहाड़ों तक सीमित रहेंगी और 16 जनवरी से शुरू होंगी। हालांकि सिस्टम का कमजोर हिस्सा 18 जनवरी को दिल्ली और आसपास के इलाकों में बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी करा सकता है। इस दौरान 16 से 18 जनवरी के बीच दिल्ली, हरियाणा, उत्तर राजस्थान और पश्चिमी यूपी में मध्यम व ऊंचे बादलों की चादर छाई रहेगी।
गणतंत्र दिवस तक भारी बर्फबारी और व्यापक बारिश की संभावना
पहले सिस्टम के तुरंत बाद एक और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों पर पहुंचेगा, जो पहले वाले से ज्यादा प्रभावी होगा। इसका असर मैदानों में भी साफ दिखेगा। 22 जनवरी के बाद मध्यम और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और तेज होगी, जो इस मौसम की सबसे भारी बर्फबारी साबित हो सकती है और गणतंत्र दिवस तक चल सकती है। उत्तर भारत के मैदानी इलाके भी इसकी चपेट में आएंगे। 23 से 26 जनवरी 2026 के बीच राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में अच्छी और भारी सर्दियों की बारिश होने के संकेत हैं। हालांकि मौसम मॉडल की सीमाओं के कारण सटीक पूर्वानुमान के लिए अपडेट जरूरी होगा, जो सप्ताहांत में जारी किया जाएगा।
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