Winter Update: हिसार, अलवर, सीकर और पालम में जमाने वाली ठंड, शून्य के करीब पारा
मुख्य मौसम बिंदु
- उत्तर भारत में तापमान शून्य के करीब, सीजन की सबसे सर्द रातें
- पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में गंभीर शीत लहर
- घने कोहरे से दिन के तापमान में भारी गिरावट, कोल्ड डे की स्थिति
- पश्चिमी विक्षोभ से जल्द ठंड में कमी और बारिश के आसार
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के बड़े हिस्सों में भीषण ठंड का असर लगातार बना हुआ है। पहाड़ों से उतर रही सर्द हवाओं के कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से गिरा है और कई जगहों पर न्यूनतम तापमान शून्य के बेहद करीब पहुंच गया है, जो इस सीजन का अब तक का सबसे निचला स्तर है। पालम, अलवर, सीकर और हिसार में इस मौसम में पहली बार तापमान 0 से 1 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। इनमें पालम 2.3°C, हिसार 0.2°C, अलवर 1°C और सीकर 1°C शामिल हैं। मौसम स्टेशनों की सीमित संख्या के कारण माना जा रहा है कि जमी हुई ठंड के क्षेत्र वास्तव में इससे कहीं अधिक विस्तृत हो सकते हैं।
लंबे शुष्क दौर और सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन
उत्तर भारत के मैदानों और पहाड़ी इलाकों में लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण ठंड और ज्यादा असरदार हो गई है। इसके साथ ही ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही तेज सर्द हवाओं ने पूरे इलाके को जकड़ लिया है। राजस्थान के कुछ हिस्सों, हिसार, पंजाब और दिल्ली क्षेत्र में गंभीर शीत लहर की स्थिति बनी हुई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर रात और दिन दोनों समय अत्यधिक ठंड महसूस की जा रही है।
घने कोहरे से दिन में भी नहीं बढ़ पाया तापमान
घने कोहरे की मोटी परत ने दिन के तापमान को बढ़ने से रोक दिया, जिससे कई स्थानों पर कोल्ड डे की स्थिति भी एक साथ बन गई। अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, अंबाला, करनाल और चंडीगढ़ में दिन का अधिकतम तापमान मुश्किल से दो अंकों तक पहुंच पाया। अमृतसर और चंडीगढ़ सबसे ठंडे रहे, जहां अधिकतम तापमान क्रमशः 8.8°C और 8.9°C दर्ज किया गया। ये तापमान सामान्य से 9 से 10 डिग्री कम रहे, जिससे गंभीर कोल्ड डे की स्थिति बनी। दिन और रात के तापमान का अंतर भी बेहद कम रहा, जो पूरे क्षेत्र में केवल 4 से 5 डिग्री के बीच सिमटा रहा।
पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम, ठंड से राहत की उम्मीद
एक पश्चिमी विक्षोभ कल पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में पहुंचेगा और कुछ समय बाद इसका प्रभाव मैदानी इलाकों पर भी दिखाई देगा। इसके बाद अगले सप्ताह इसी तरह के लेकिन और ज्यादा शक्तिशाली दो पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है। हवाओं की दिशा में बदलाव आने से पहाड़ों से आ रही सर्द हवाएं रुकेंगी और उनकी जगह नमी वाली और अपेक्षाकृत गर्म हवाएं चलेंगी। इससे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ेगा और शीत लहर की तीव्रता कम होगी। मौजूदा संकेतों के अनुसार, अगले सप्ताह के उत्तरार्ध में इन इलाकों में सर्दियों की अच्छी बारिश भी हो सकती है।







