[Hindi] सम्पूर्ण भारत का 19 सितंबर, 2026 का मौसम पूर्वानुमान
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं और 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो सकती है।
सौराष्ट्र और उससे सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब कमजोर हो गया है। हालांकि, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 1.5 से 4.5 किमी की ऊंचाई तक एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
मानसून की अक्षीय रेखा समुद्र तल पर फलोदी, अजमेर, गुना, सतना, जमशेदपुर और दीघा से होकर गुजर रही है तथा वहां से दक्षिण-पूर्व दिशा में उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
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इस बीच, उत्तर थाईलैंड के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई तक फैला है।
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इसके 18 सितंबर की शाम तक उत्तर अंडमान सागर के ऊपर पहुंचने की संभावना है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम के आसपास उत्तर अंडमान सागर के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बन सकता है।
यह अगले 3–4 दिनों में धीरे-धीरे मजबूत होकर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ सकता है।
पिछले 24 घंटे के दौरान, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें दर्ज की गईं।
गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र-कच्छ, कोंकण-गोवा और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में भी कई जगह बारिश हुई।
वहीं जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पश्चिमी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में भी कुछ स्थानों पर बारिश हुई।
प्रमुख बारिश में जयपुर में 6 सेमी, अलीपुरद्वार में 11 सेमी, द्वारका में 7 सेमी, परभणी और नानकोवरी में 8 सेमी, तिरुचिरापल्ली एयरपोर्ट में 6 सेमी तथा डायमंड हार्बर और गांधीनगर में 5 सेमी बारिश दर्ज की गई।
अंडमान-निकोबार, पश्चिम बंगाल, दक्षिण तमिलनाडु, गुजरात और पूर्वी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी हिमालय, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि तटीय कर्नाटक, हरियाणा, पंजाब, बिहार और विदर्भ में हल्की बारिश दर्ज की गई।
तापमान की स्थिति
पिछले 24 घंटों में देश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में 40.9°C दर्ज किया गया।
मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान असम के हाफलोंग में 17.0°C रहा। मराठवाड़ा और रायलसीमा के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा।
मध्य महाराष्ट्र, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में भी कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया।
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अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि
अगले 24 घंटे के दौरान, पूर्वी राजस्थान और गुजरात क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
गुजरात और पूर्वी राजस्थान में 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा में भी कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक हो सकती है। इसके बाद उत्तर-पश्चिम भारत के बड़े हिस्से में बारिश की गतिविधियां कमजोर होने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि विदर्भ में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक संभव है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 50–60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं।
ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। गंगीय पश्चिम बंगाल में कई जगह बारिश की संभावना है।
अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में बारिश बढ़ेगी और कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, क्योंकि चक्रवाती परिसंचरण उत्तर अंडमान सागर के करीब पहुंचेगा।
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी छिटपुट बारिश और गरज-चमक हो सकती है। केरल और लक्षद्वीप में बारिश सक्रिय रहेगी तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश संभव है।
तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में छिटपुट गरज-चमक की संभावना है, जबकि आंध्र प्रदेश में तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।















