असम और मेघालय में बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने और भूस्खलन का खतरा

By: Arti Kumari | Edited By: Mohini Sharma
Mar 12, 2026, 6:45 PM
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मौसम अपडेट

मुख्य मौसम बिंदु

  • पूर्वोत्तर भारत में 1–10 मार्च के बीच करीब 79% बारिश की कमी।
  • अब क्षेत्र में प्री-मॉनसून गतिविधियां शुरू होने के संकेत।
  • असम, मेघालय और आसपास के राज्यों में गरज-चमक और बारिश की संभावना।
  • पहाड़ी इलाकों में बिजली गिरने और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता

इस मौसम में असम और मेघालय सहित पूरे पूर्वोत्तर भारत में सर्दियों के दौरान बारिश काफी कम रही है। 1 मार्च से 10 मार्च के बीच पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में कुल मिलाकर लगभग 79% बारिश की कमी दर्ज की गई है। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से बहुत कम वर्षा हुई, जिससे क्षेत्र में लंबे समय तक शुष्क मौसम बना रहा।

अब बढ़ने लगी मौसम गतिविधियां

हालांकि पहले मौसम काफी सूखा रहा, लेकिन पिछले 24 घंटों के दौरान क्षेत्र के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिली हैं। मौसम के मौजूदा संकेत बताते हैं कि आने वाले लगभग एक सप्ताह या उससे अधिक समय तक पूर्वोत्तर भारत में प्री-मॉनसून मौसम गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

चक्रवाती परिसंचरण से बन रहे अनुकूल हालात

इस बारिश और गरज-चमक की गतिविधियों के पीछे दो प्रमुख मौसम प्रणालियां काम कर रही हैं। एक चक्रवाती परिसंचरण असम और अरुणाचल प्रदेश के ऊपर बना हुआ है, जबकि दूसरा बांग्लादेश और गंगीय पश्चिम बंगाल के आसपास सक्रिय है। इसके अलावा पूर्वी बंगाल की खाड़ी और म्यांमार क्षेत्र के ऊपर बना एंटी-साइक्लोनिक परिसंचरण नमी भरी हवाओं को पूर्वोत्तर भारत की ओर भेज रहा है। यह नमी आने वाले दिनों में आंधी-तूफान की गतिविधियों को और बढ़ा सकती है।

इन क्षेत्रों में पहले तेज हो सकती हैं आंधी-बारिश

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सबसे पहले असम घाटी, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में आंधी-तूफान की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इसके बाद यह गतिविधियां मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों तक फैल सकती हैं। इस क्षेत्र में आमतौर पर देर रात और सुबह के समय आंधी-तूफान ज्यादा मजबूत हो जाते हैं।

बिजली गिरने और भूस्खलन का खतरा

मेघालय, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल जैसे इलाकों में प्री-मॉनसून के दौरान अक्सर तेज गरज-चमक वाले तूफान देखने को मिलते हैं। इस दौरान तेज हवाएं, बिजली गिरने और कभी-कभी भारी बारिश भी हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश होने पर भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है, जिससे सड़कों और हाईवे पर अस्थायी बाधाएं भी आ सकती हैं। इसलिए लोगों को इस दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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Arti Kumari
Content Writer (English)
With a strong foundation in science and a constant drive for research, Arti brings depth and clarity to weather and climate storytelling at Skymet Weather. She translates complex data into compelling narratives, leading Skymet’s digital presence with research-backed, impactful content that informs and inspires audiences across India and beyond.
FAQ

क्षेत्र में बने चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण मौसम गतिविधियां बढ़ रही हैं।

असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

हाँ, लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की संभावना बढ़ सकती है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है