भारत-विस्तार लॉन्च: AI से खेती में क्रांति, एक क्लिक में फसल, मौसम और मंडी भाव की पूरी जानकारी

By: Arti Kumari | Edited By: Mohini Sharma
Feb 19, 2026, 9:15 PM
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भारत-विस्तार बना स्मार्ट कृषि का आधार, फोटो: AI-Skymet

मुख्य बिंदु

  • जयपुर में भारत-विस्तार एआई प्लेटफॉर्म का शुभारंभ।
  • मौसम, मंडी भाव, फसल और सरकारी योजनाएं एक ही मंच पर।
  • 22+ भारतीय भाषाओं में उपलब्ध सुविधा।
  • किसानों की आय बढ़ाने और जोखिम कम करने पर फोकस।

17 फरवरी 2026 को जयपुर स्थित राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान (SIAM) में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत-विस्तार (Virtually Integrated System to Access Agricultural Resources) का शुभारंभ किया। इस प्लेटफॉर्म की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 में की थी। यह एक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित सिस्टम है, जिसका मकसद देश के 14 करोड़ से ज्यादा किसानों को सही और तेज जानकारी देना है, ताकि वे खेती से जुड़े बेहतर फैसले ले सकें।

क्या है भारत-विस्तार: एआई से जुड़ा राष्ट्रीय डिजिटल कृषि ढांचा

भारत-विस्तार को कृषि क्षेत्र का “मल्टी-लेयर्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म” और राष्ट्रीय डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) है। यहां किसानों को खेती से जुड़ी सारी जरूरी जानकारी एक ही जगह मिलेगी। इसमें मौसम की जानकारी, मंडी भाव, कीट और बीमारियों से बचाव, मिट्टी की जांच, फसल सलाह और सरकारी योजनाओं की जानकारी शामिल होगी।

इस प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को फसल स्वास्थ्य और मौसम से जुड़े अलर्ट, मंडी भाव, कीट व रोग प्रबंधन, मिट्टी की सेहत, फसल सलाह और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर मिलेगी। प्राकृतिक भाषा आधारित वॉइस बॉट्स के माध्यम से किसान बिना टाइप किए अपनी भाषा में सवाल पूछ सकेंगे।

साथ ही, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं तक एक डिजिटल विंडो से सीधी पहुंच, राज्य भूमि अभिलेखों और स्थानीय कृषि सेवाओं से एकीकृत जुड़ाव तथा 22 से अधिक भारतीय भाषाओं में इंटरफेस उपलब्ध होगा। पहले चरण में हिंदी और अंग्रेजी से शुरुआत होगी। किसान फोन कॉल और चैटबॉट के जरिए तुरंत सेवाएं ले सकेंगे, जबकि मोबाइल ऐप अगले चरण में आएगा। पहले चरण में महाराष्ट्र, बिहार और गुजरात जैसे राज्यों के लाखों किसानों को जोड़ा जाएगा।

किसानों को कैसे होगा लाभ: जोखिम कम, मुनाफा ज्यादा

यह एआई आधारित प्लेटफॉर्म ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल अंतर को कम करने में मदद करेगा। किसानों को उनकी फसल और क्षेत्र के अनुसार कस्टमाइज सलाह मिलेगी, जिससे जोखिम घटेगा और उत्पादन बढ़ेगा।रियल-टाइम मंडी भाव और मौसम अलर्ट से बुवाई और कटाई का सही समय तय करने में मदद मिलेगी। कीट प्रबंधन और मिट्टी स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी फसल नुकसान कम करेगी। एकीकृत डिजिटल सिस्टम से ऋण, बाजार और तकनीकी सहायता तक पहुंच आसान होगी। यह प्लेटफॉर्म एग्रीटेक स्टार्टअप्स को भी जोड़कर स्थानीय जरूरतों के मुताबिक नए समाधान विकसित करने का अवसर देगा।

स्काइमेट की प्रतिक्रिया: किसान-केंद्रित नवाचार की दिशा में बड़ा कदम

स्काइमेट इस पहल का स्वागत करता है क्योंकि यह भारत-विस्तार कृषि में सटीक मौसम जानकारी को और मजबूत करेगा। एआई आधारित अलर्ट सिस्टम खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने में सहायक होगा। दीर्घकालिक दृष्टि से यह पहल सिर्फ डिजिटलीकरण नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र में एक बड़े परिवर्तन की नींव बन सकती है। कल्पना कीजिए कि महाराष्ट्र के दूरदराज गांवों में किसान अपनी भाषा में कीट अलर्ट प्राप्त करें और बिहार के किसान रियल-टाइम मंडी भाव देखकर बेहतर सौदे कर सकें। राष्ट्रीय स्तर पर लागू होने पर यह प्लेटफॉर्म बिखरे हुए डेटा को एकजुट कर उत्पादकता बढ़ा सकता है, जलवायु जोखिम कम कर सकता है और किसानों की आय में भारी वृद्धि कर भारत की खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को मजबूती दे सकता है।

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Arti Kumari
Content Writer (English)
With a strong foundation in science and a passion for research, Arti specializes in weather and climate communication. At Skymet Weather, she leads the company's digital content strategy, transforming complex meteorological data into clear, engaging narratives. Her research-backed storytelling has helped expand Skymet's digital reach while making weather and climate information accessible to millions of readers across India and beyond.
FAQ

यह एआई आधारित राष्ट्रीय डिजिटल कृषि प्लेटफॉर्म है, जो किसानों को फसल, मौसम और बाजार से जुड़ी जानकारी देता है।

किसान फोन कॉल, चैटबॉट और आगे चलकर मोबाइल ऐप के जरिए सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।

रियल-टाइम जानकारी, बेहतर निर्णय, कम जोखिम और अधिक उत्पादकता से किसानों की आय बढ़ेगी।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है

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