Cyclone Update: चक्रवात दितवाह हुआ कमजोर, डिप्रेशन में बदला, आंध्र प्रदेश में लगातार बारिश जारी

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Dec 1, 2025, 3:00 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • Ditwah चक्रवात कमजोर होकर डिप्रेशन में बदला, चेन्नई से 50 किमी पूर्व समुद्र में केंद्रित।
  • श्रीलंका में 300+ मौतों के बाद यह भारत तट तक पहुँचने से पहले ही कमजोर हो गया।
  • दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश-कवाली में 114 मिमी, नेल्लोर में 40 मिमी दर्ज।
  • सिस्टम तट तक आगे नहीं बढ़ेगा; 3 दिसंबर से सामान्य मानसून गतिविधि लौटेगी।

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चक्रवाती तूफान दितवाह (Ditwah) कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है। आज सुबह 8:30 बजे इसका केंद्र समुद्र में चेन्नई से लगभग 50 किमी पूर्व स्थित था। यह डिप्रेशन आगे और कमजोर होगा, फिर तट से थोड़ी दूरी बनाए रखते हुए उत्तर दिशा में आगे बढ़ेगा। वहीं, इस प्रणाली के अवशेष समुद्र में ही बने रहने की संभावना है, जिससे मौसम का प्रभाव केवल तटीय आंध्र प्रदेश तक सीमित रहेगा।

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तूफान दितवाह हुआ कमजोर

तूफान दितवाह हुआ कमजोर, फोेटो: Himawari Satellite

श्रीलंका में भारी तबाही – 300 से अधिक मौतें

इससे पहले तूफान Ditwah ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई, जिसमें 300 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। देश चारों तरफ से पानी से घिरा होने के कारण, तूफान भूमि पर पहुँचने के बाद भी कमजोर नहीं हुआ। तमिलनाडु तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में पहुँचकर यह कमजोर हुआ। इसने तमिलनाडु के तट को बड़े नुकसान से बचा लिया और चेन्नई से काफी पहले ही समुद्र में कमजोर हो गया है।

दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश – हवा भी शांत

इस डिप्रेशन से दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई। जिसमें कवाली में पिछले 24 घंटों में 114 मिमी और नेल्लोर में 40 मिमी बारिश दर्ज हुई। वहीं, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश तटों पर हवा की रफ्तार भी अब काफी कम हो गई है। इस मौसम प्रणाली तट के अंदरूनी हिस्सों तक आगे बढ़ने की संभावना नहीं है आंध्र प्रदेश तट से दूर समुद्र में ही खत्म हो जाएगी। जिससे जमीन पर तूफानी हालात कम हो जाएंगे, लेकिन समुद्र में हलचल अगले 24 घंटे तक जारी रह सकती है।

अगले 24 घंटे आंध्र प्रदेश में भारी बारिश

अगले 24 घंटों में दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश और तेज़ हवाएँ चल सकती हैं। कवाली से काकीनाडा तक का तटीय क्षेत्र लगातार बारिश के मध्यम जोखिम में रहेगा। जहाँ तगड़ी मौसम गतिविधि की संभावना है, वे स्थान कवाली, नेल्लोर, ओंगोले, गुडुर, बापटल, मछलीपट्टनम, काकीनाडा, और यनम (पुडुचेरी) हैं। 3 दिसंबर से सामान्य उत्तर-पूर्व मानसून की गतिविधियाँ फिर से शुरू हो जाएँगी।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

नहीं, यह भारत तट तक पहुँचने से पहले ही कमजोर हो गया और समुद्र में ही सीमित रहेगा।

कवाली, नेल्लोर, ओंगोले, बापटल, काकीनाडा और यनम में अगले 24 घंटे तक बारिश और तेज़ हवाएँ संभव हैं।

3 दिसंबर से उत्तर-पूर्व मानसून की सामान्य गतिविधि फिर से शुरू हो जाएगी।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है

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