पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में वीकेंड तक शुष्क मौसम, अगले सप्ताह बारिश के आसार

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Sep 9, 2026, 1:45 PM
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मौसम अपडेट

मुख्य मौसम बिंदु

  • उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में फिलहाल मौसम शुष्क और तापमान बढ़ा।
  • बंगाल की खाड़ी में अगले 36 घंटों के दौरान निम्न दबाव बनने की संभावना।
  • 12–13 सितंबर को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बौछारें संभव हैं।
  • 14–16 सितंबर के बीच बारिश का फैलाव और तीव्रता बढ़ सकती है।
  • पूर्वानुमान वैधता: इस मौसम पूर्वानुमान की वैधता 18 सितंबर 2026 तक मान्य है।

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पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बेहद कम रहीं। बारिश नहीं होने के कारण इन इलाकों में तापमान भी बढ़ गया है और कई जगह मौसम सामान्य से अधिक गर्म महसूस हो रहा है।

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इसके पीछे मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ और मानसून ट्रफ हैं, जो इस समय सक्रिय नहीं हैं। सतह पर मानसून ट्रफ फिरोजपुर, मुजफ्फरनगर, लखनऊ, पटना होते हुए पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से तक जा रही है। हालांकि निचले स्तर की हवाएं तेज उत्तर-पश्चिमी हैं, जो संकेत दे रही हैं कि ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक रही है। ऐसे में सप्ताहांत तक उत्तर भारत में इसी तरह का अपेक्षाकृत शुष्क और गर्म मौसम बने रहने की संभावना है।

पहाड़ों में भी कमजोर पश्चिमी विक्षोभ, बंगाल की खाड़ी पर बन रहा सिस्टम

पहाड़ी राज्यों में भी फिलहाल मौसम काफी हद तक साफ है। इसके पीछे क्षेत्र में मौजूद कमजोर पश्चिमी विक्षोभ है, जो पर्याप्त वर्षा गतिविधि पैदा करने में सक्षम नहीं है। इसलिए जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भी व्यापक बारिश की संभावना फिलहाल कम बनी हुई है।

हालांकि मौसम में बदलाव की शुरुआत बंगाल की खाड़ी से होने वाली है। अगले करीब 36 घंटों में बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। यह मौसम प्रणाली आगे बढ़ते हुए देश के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचेगी और पूर्वी, मध्य तथा उत्तरी भारत में मानसूनी गतिविधियों को बढ़ावा दे सकती है। यानी इस समय भले ही उत्तर भारत सूखा दिख रहा हो, लेकिन अगले सप्ताह मौसम में बदलाव के संकेत बनने लगे हैं।

11 से 16 सितंबर के बीच दिल्ली समेत उत्तर भारत में बारिश बढ़ेगी

बंगाल की खाड़ी से बनने वाला निम्न दबाव क्षेत्र जब देश के अंदर की ओर आगे बढ़ेगा तो हवाओं का पैटर्न भी बदलेगा। इसके प्रभाव से मानसून ट्रफ फिर से दक्षिण की ओर खिसक सकती है, जिससे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश के लिए परिस्थितियां अनुकूल होंगी। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली को इस सिस्टम का सीधा नहीं बल्कि परिधीय प्रभाव मिलेगा। यहां कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक वाली बौछारें देखने को मिल सकती हैं।

दिल्ली में 11 सितंबर 2026 से हल्की मौसम गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। इसके बाद 12 और 13 सितंबर को पंजाब और हरियाणा के तलहटी वाले क्षेत्रों के साथ दिल्ली में भी बिखरी हुई बारिश और बौछारें संभव हैं। 14 से 16 सितंबर के बीच बारिश की तीव्रता और इसका फैलाव बढ़ने की संभावना है। इसी दौरान एक और महत्वपूर्ण बदलाव होगा—14 सितंबर के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में पहुंच सकता है और अगले सप्ताह के मध्य तक क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। दोनों मौसम प्रणालियों का संयुक्त प्रभाव उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मानसूनी बारिश को बढ़ा सकता है।

17 सितंबर से बारिश घटेगी, 18 के बाद मानसून वापसी के संकेत

बारिश की यह गतिविधि बहुत लंबे समय तक जारी रहने की उम्मीद नहीं है। 17 सितंबर से बारिश का दायरा काफी कम होने लगेगा, जबकि 18 सितंबर के बाद उत्तर भारत के बड़े हिस्से में मौसम साफ होने की संभावना है। यानी अगले सप्ताह के मध्य में बारिश बढ़ने के बाद सप्ताह के अंत तक फिर से मौसम शुष्क होने की ओर जा सकता है।

यह बदलाव मानसून की वापसी के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है। खासकर देश के चरम पश्चिमी हिस्सों से मानसून की वापसी की शुरुआत के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन सकती हैं। हालांकि मानसून की आधिकारिक वापसी केवल शुष्क मौसम के आधार पर तय नहीं होती; इसके लिए लगातार शुष्क मौसम, निचले स्तर पर एंटी-साइक्लोन और नमी में कमी जैसे कई मौसम संकेतकों को देखा जाता है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

दिल्ली में 11 सितंबर 2026 से हल्की मौसम गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। 12 और 13 सितंबर को बिखरी बारिश की संभावना है, जबकि 14 से 16 सितंबर के बीच बारिश बढ़ सकती है।

बंगाल की खाड़ी में बनने वाला निम्न दबाव क्षेत्र और 14 सितंबर के आसपास आने वाला पश्चिमी विक्षोभ मुख्य भूमिका निभाएंगे। इनके संयुक्त प्रभाव से मानसून ट्रफ दक्षिण की ओर खिसक सकती है और बारिश बढ़ सकती है।

18 सितंबर के बाद मौसम साफ होने की संभावना है। इसके बाद चरम पश्चिमी हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं। हालांकि आधिकारिक वापसी कई मौसम संकेतकों के आधार पर घोषित की जाती है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है