गुजरात में मूसलाधार बारिश की आशंका, बाढ़ का खतरा बढ़ा, कई जिलों में रेड अलर्ट
गुजरात को पारंपरिक रूप से शुष्क राज्य माना जाता है। लेकिन, पिछले कुछ सालों से लगातार भारी बारिश और बाढ़ की चुनौतियों का सामना कर रहा है। पहले यहां सालाना बारिश कम होती थी, लेकिन अब मौसमी घटनाओं में तेजी आई है।
मौसम प्रणालियों के बदलते रास्ते
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाले लो-प्रेशर और डिप्रेशन का रास्ता बदला है। पहले ये सिस्टम मध्य भारत और उत्तर के मैदानी इलाकों की ओर जाते थे, लेकिन अब वे सीधे पश्चिम की ओर मुड़कर गुजरात, दक्षिण राजस्थान, उत्तर महाराष्ट्र और दक्षिणी मध्यप्रदेश में भारी बारिश लाते हैं।
मौजूदा सिस्टम की स्थिति, 5 से 7 सितंबर तक रेड अलर्ट
फिलहाल छत्तीसगढ़ पर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है, जबकि दक्षिण-पश्चिम मध्यप्रदेश में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। ये सिस्टम आज रात (4 सितंबर) से गुजरात को प्रभावित करना शुरू करेंगे। 5 से 7 सितंबर के बीच गुजरात के कई जिलों जैसे बनासकांठा, साबरकांठा, मेहसाणा, पाटन, अहमदाबाद, वडोदरा, छोटा उदयपुर, सूरत, वलसाड, डांग, पंचमहल, नवसारी, भावनगर और भरूच में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। प्रशासन ने 6 और 7 सितंबर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
पूर्वी और उत्तरी गुजरात पर सबसे ज्यादा असर
इस बार बारिश का सबसे ज्यादा असर उत्तर और पूर्वी गुजरात में रहेगा। वहीं अमरेली, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, देवभूमि द्वारका और पोरबंदर जैसे दक्षिणी जिलों में केवल मध्यम बारिश होगी। 8 सितंबर तक यह सिस्टम उत्तर-पूर्वी अरब सागर और पाकिस्तान के दक्षिणी सिंध क्षेत्र की ओर बढ़ जाएगा। उस समय भुज, नलिया और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बौछारें जारी रह सकती हैं।
सतर्कता बेहद जरूरी
भारी बारिश और संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने चेतावनी दी है कि लोग सतर्क रहें और अनावश्यक रूप से नदियों-नालों के पास न जाएं। स्काईमेट सभी निवासियों से अपील करता है कि सतर्क रहें और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि जन-धन की हानि से बचा जा सके। गुजरात के मौसम संबंधी जानकारी पाने के लिए स्काईमेट से जुड़े रहें।





