मानसून ने बढ़ाई रफ्तार, पश्चिम बंगाल-ओडिशा-झारखंड में 3 दिन भारी बारिश, निचले इलाकों में जलभराव-बाढ़ का खतरा
मुख्य मौसम बिंदु
- ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल में व्यापक मध्यम से भारी बारिश जारी है।
- अगले 3 दिनों तक पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश के आसार।
- तीनों राज्यों के ट्राई-जंक्शन क्षेत्र में सबसे ज्यादा बारिश होने की संभावना है।
- लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ की स्थिति बन सकती है।
- पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम विश्लेषण अगले तीन दिन 10 अगस्त तक मान्य है।
Advertisement
दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय देश के पूर्वी राज्यों में बेहद सक्रिय बना हुआ है। खासतौर पर ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल में हल्की से मध्यम, जबकि कई जगहों पर भारी बारिश हुई। अगले तीन दिनों के दौरान पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और कुछ स्थानों पर स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा है। इसलिए संवेदनशील और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।
Advertisement
कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय, तीनों राज्यों में बढ़ेगी बारिश
भारी बारिश के पीछे कई मौसम प्रणालियाँ एक साथ काम कर रही हैं। निचले वायुमंडलीय स्तरों पर उत्तर ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा पूर्वोत्तर बांग्लादेश और आसपास के क्षेत्रों पर भी एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। तीसरा चक्रवाती परिसंचरण पूर्वोत्तर बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के आसपास बना हुआ है। इसके साथ ही, इंडो-गंगेटिक मैदानों से गुजर रही मौसमी मानसून ट्रफ का पूर्वी सिरा झारखंड, ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल से होकर गुजर रहा है। इन सभी प्रणालियों का यह संयोजन अगले करीब तीन दिनों तक बना रहने की संभावना है। इसके प्रभाव से इन पूर्वी राज्यों में लगातार भारी बारिश होती रहेगी।
बंगाल-ओडिशा-झारखंड के कई शहरों में भारी से बहुत भारी बारिश
इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के ट्राई-जंक्शन यानी तीनों राज्यों के मिलन वाले क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। बाकी हिस्सों में भी मध्यम बारिश होगी, जिसमें कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती हैं। गौरतलब है, जोखिम वाले प्रमुख स्थानों में कोलकाता, हावड़ा, मिदनापुर, बांकुड़ा, बर्दवान, दीघा, कांथी, डायमंड हार्बर, कटक, भुवनेश्वर, बालासोर, बारीपदा, जाजपुर, केंद्रापड़ा, भद्रक, देवगढ़, बोलांगीर, ढेंकनाल, सुंदरगढ़, क्योंझर, रांची, जमशेदपुर, चाईबासा, खूंटी, गुमला और सिंहभूम शामिल हैं। इन राज्यों के बाकी हिस्सों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। हालांकि, 10 से 12 अगस्त के बीच ओडिशा और पश्चिम बंगाल को कुछ राहत मिल सकती है। इसके बाद अगले सप्ताह के दूसरे भाग में बारिश एक बार फिर लौटने की संभावना है।
यह भी पढ़ें: दिल्ली-NCR में मानसून सक्रिय, कल-परसों कम होगी बारिश, 9-11 अगस्त को फिर बढ़ेगी मानसूनी गतिविधि
यह भी पढ़ें: मानसून का फोकस पूर्वी भारत की ओर शिफ्ट, इस सप्ताह बिहार-झारखंड समेत कई राज्यों में तेज बारिश
यह भी पढ़ें: मानसून का आधा सफर पूरा, आगे मुश्किल दौर...अगस्त-सितंबर में कमजोर बारिश का खतरा
















