Heavy Rain Alert: बारिश का फोकस बदला, अब पश्चिमी मध्य प्रदेश से पूर्वी राजस्थान तक भारी बारिश का खतरा

By: Mahesh Palawat | Edited By: Mohini Sharma
Sep 4, 2026, 7:30 PM
WhatsApp icon
thumbnail image

मुख्य मौसम बिंदु

  • 4-5 सितंबर को मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
  • पूर्वी राजस्थान में भी बारिश का नया दौर शुरू होगा।
  • पश्चिमी राजस्थान में गरज-चमक होगी, लेकिन भारी बारिश की संभावना कम है।
  • तेज बारिश से जलभराव, बाढ़ और फसलों पर असर पड़ सकता है।
  • Forecast Validity: इस पूर्वानुमान की वैधता 8 सितंबर तक है, 5 सितंबर के बाद बारिश कमजोर होगी।

Advertisement

मानसून की बारिश का क्षेत्र धीरे-धीरे मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिम की ओर खिसक रहा है। 3 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश का खतरा था, लेकिन अब 4 और 5 सितंबर को बारिश का मुख्य फोकस उत्तर एवं पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान की ओर रहेगा। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश पर बना अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तरी मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश की ओर जाएगा। इस सिस्टम को मानसून ट्रफ का समर्थन मिल रहा है। साथ ही, ऊपरी हवा में उत्तर-पूर्वी अरब सागर के पास बने चक्रवाती परिसंचरण से इसका कनेक्शन बना हुआ है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण बारिश का क्षेत्र और पश्चिम की ओर बढ़ सकता है।

Advertisement

मध्य प्रदेश में 4-5 सितंबर को भारी बारिश

पूर्वी मध्य प्रदेश में 3 सितंबर के बाद अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश का खतरा कम होगा, लेकिन मध्य भारत में बारिश का दौर जारी रहेगा। 4 और 5 सितंबर को मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में काफी व्यापक बारिश होने की संभावना है। कई जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली भी देखने को मिल सकती है। जिन क्षेत्रों में पहले से जमीन में काफी नमी है, वहां तेज बारिश से स्थानीय बाढ़ और जलभराव की स्थिति बन सकती है। इससे खेतों में खड़ी फसलों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

पूर्वी राजस्थान में फिर सक्रिय होगा मानसून

4 और 5 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। 4 सितंबर को कई इलाकों में काफी व्यापक से व्यापक बारिश हो सकती है। देश के कई पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में मानसून गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने के बाद यह बारिश राहत लेकर आ सकती है। मध्य प्रदेश से सटे पूर्वी राजस्थान के इलाकों में बारिश ज्यादा तेज हो सकती है, क्योंकि ये क्षेत्र सक्रिय मानसून सिस्टम के काफी करीब हैं। हालांकि, बारिश सभी जगह एक जैसी नहीं होगी। पश्चिमी राजस्थान में 4 और 5 सितंबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं, लेकिन यहां भारी बारिश की संभावना कम है।

खेती और यातायात पर असर, 5 सितंबर के बाद बारिश घटेगी

पूर्वी राजस्थान में सामान्य और अच्छी तरह फैली बारिश से नमी की कमी झेल रही फसलों को फायदा मिल सकता है। वहीं, मध्य प्रदेश के पहले से संतृप्त इलाकों में तेज बारिश खेतों में जलभराव कर सकती है और सोयाबीन, दलहन तथा अन्य खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। स्थानीय बाढ़ के कारण ग्रामीण सड़कें और निचले इलाकों में शहरी क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में कम दृश्यता और सड़कों पर पानी जमा होने से हाईवे यातायात धीमा हो सकता है। आकाशीय बिजली बड़ा खतरा बनी रहेगी, इसलिए किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले खेतों में जाने से बचना चाहिए और पक्की इमारत में शरण लेनी चाहिए। मध्य प्रदेश में बारिश की तीव्रता 5 सितंबर के बाद कम होने की संभावना है, हालांकि 6 से 8 सितंबर के बीच कुछ जिलों में फिर से अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

author image
Mahesh Palawat
Vice President of Meteorology & Climate Change
Mr. Palawat, Vice President of Meteorology & Climate Change, is a former Air Force boxer and a passionate weather enthusiast. Dedicated to tracking and predicting weather for the benefit of farmers and the general public, he has been an integral part of Skymet since its inception.
FAQ

पश्चिमी और उत्तरी मध्य प्रदेश तथा पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

पश्चिमी राजस्थान में गरज-चमक और आकाशीय बिजली हो सकती है, लेकिन भारी बारिश की संभावना कम है।

5 सितंबर के बाद बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है। हालांकि, 6 से 8 सितंबर के बीच कुछ जिलों में फिर भारी बारिश हो सकती है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है