मध्य प्रदेश-राजस्थान में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, स्थानीय बाढ़ और जलभराव का खतरा, कई जिले होंगे प्रभावित

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Aug 10, 2026, 2:30 PM
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भारी बारिश का अलर्ट

मुख्य मौसम बिंदु

  • मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर 100 मिमी से अधिक बारिश हुई है।
  • उज्जैन, इंदौर, नीमच, रतलाम, भोपाल सहित कई जिलों में स्थानीय बाढ़ का खतरा है।
  • राजस्थान के डूंगरपुर, झालावाड़, प्रतापगढ़, सहित कई जिलों में भारी बारिश की आशंका।
  • नया कम दबाव क्षेत्र बनने से भारी बारिश का क्षेत्र पश्चिम से पूर्वी भारत की ओर शिफ्ट हो सकता है।
  • पूर्वानुमान की वैधता: 10 से 18 अगस्त 2026 तक। 17-18 अगस्त के बाद मानसून ट्रफ हिमालय की तलहटी के करीब पहुँच सकती है।

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मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटों में कई इलाकों में 100 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जिससे होशंगाबाद, राजधानी भोपाल, राजगढ़ और पचमढ़ी में भारी बारिश के कारण जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति देखने को मिली। बुंदेलखंड क्षेत्र में भी भारी बारिश हुई। इस दौरान गुना में 76 मिमी बारिश दर्ज की गई। आने वाले समय में मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी रहने और इसके पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों तक फैलने की संभावना है।

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कम दबाव का क्षेत्र अब पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और इसके पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा उससे सटे राजस्थान के ऊपर पहुंचने की संभावना है। इसी दौरान मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा भी कम दबाव वाले क्षेत्र के परिसंचरण के साथ जुड़ जाएगा। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से अगले दो दिनों के दौरान मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।

मध्य प्रदेश में उज्जैन, इंदौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर, सीहोर, विदिशा और भोपाल में स्थानीय स्तर पर बाढ़ या जलभराव का खतरा बना रहेगा। इसके अलावा ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, श्योपुर और अशोकनगर में भी भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

राजस्थान के इन जिलों में भी भारी बारिश और बाढ़ का खतरा

मध्य प्रदेश से सटे राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का असर पहुंच सकता है। कई स्थानों पर बहुत ज्यादा बारिश होने से अचानक बाढ़ या जलभराव की स्थिति बन सकती है। राजस्थान में भारी बारिश के लिहाज से डूंगरपुर, झालावाड़, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, बारां, बांसवाड़ा, बूंदी, कोटा, टोंक और सवाई माधोपुर संवेदनशील रहेंगे।

बारिश की तीव्रता और इसका फैलाव 12 और 13 अगस्त को धीरे-धीरे कम होने लगेगा। 13 अगस्त तक राजस्थान से बारिश की गतिविधियां काफी हद तक हट सकती हैं, हालांकि मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रहेगी। यानी पश्चिमी और मध्य भारत में मौजूदा भारी बारिश का दौर धीरे-धीरे कमजोर होने लगेगा।

इसके बाद मौसम की तस्वीर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 13-14 अगस्त के आसपास उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे क्षेत्रों में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बनने के बाद भारी बारिश का क्षेत्र पश्चिम और मध्य भारत से खिसककर पूर्वी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों की ओर बढ़ सकता है।

13 अगस्त के बाद पूर्वी भारत में बढ़ेगी बारिश,

नए कम दबाव क्षेत्र के बनने के बाद भारी बारिश का मुख्य क्षेत्र पूर्व की ओर शिफ्ट होने की संभावना है। इसके प्रभाव से पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इसका असर पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश तक भी पहुंच सकता है। यानी 13 अगस्त के बाद बारिश का फोकस धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी हिस्सों से हटकर पूर्वी भारत की ओर जाने लगेगा।

इस बदलाव के बाद मानसून ट्रफ की स्थिति भी महत्वपूर्ण होगी। 17-18 अगस्त के आसपास मानसून ट्रफ के हिमालय की तलहटी के करीब पहुंचने की संभावना है। जब ट्रफ उत्तर की ओर खिसकेगी, तो मैदानी इलाकों के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं। ऐसे में मध्य और पश्चिमी भारत में बारिश का दौर कम होने के बाद मानसून का एक कमजोर चरण यानी lean phase शुरू होने की संभावना है।

कुल मिलाकर, अगले दो दिनों में मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारी बारिश पर नजर रखनी होगी। इसके बाद 12-13 अगस्त से बारिश की तीव्रता कम होगी और 13-14 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया कम दबाव क्षेत्र बारिश का फोकस पूर्वी भारत की ओर ले जाएगा। वहीं 17-18 अगस्त के बाद मानसून ट्रफ के हिमालय की तलहटी के करीब जाने से मध्य और पश्चिमी भारत में मानसून गतिविधि और कमजोर हो सकती है।

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पूर्वानुमान की वैधता

यह पूर्वानुमान 10 से 18 अगस्त 2026 की अवधि के लिए है। अगले दो दिनों में मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारी बारिश का पूर्वानुमान अधिक महत्वपूर्ण है, जबकि 13-14 अगस्त के बाद बारिश के क्षेत्र में बदलाव और 17-18 अगस्त के बाद मानसून गतिविधि में कमजोरी मौसम प्रणालियों की आगे की स्थिति पर निर्भर करेगी।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

मध्य प्रदेश में अगले दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना है। 12 और 13 अगस्त से बारिश की तीव्रता और फैलाव धीरे-धीरे कम हो सकता है, हालांकि मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है

डूंगरपुर, झालावाड़, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, बारां, बांसवाड़ा, बूंदी, कोटा, टोंक और सवाई माधोपुर में भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अचानक बाढ़ या जलभराव का खतरा है।

13-14 अगस्त के आसपास उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद भारी बारिश का क्षेत्र पश्चिम और मध्य भारत से खिसककर पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ सकता है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

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