दिल्ली-NCR में कल भारी बारिश के आसार, सप्ताह के बाकी दिनों में हल्की बौछारें, जानें पूरा मौसम अपडेट

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Aug 10, 2026, 12:30 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • दिल्ली में 4 से 8 अगस्त के बीच लगातार पांच दिनों तक बारिश हुई।
  • सफदरजंग में अगस्त के पहले सप्ताह में 127 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो पिछले 16 वर्षों में सबसे ज्यादा है।
  • 8 अगस्त को सीजन की अब तक की सबसे तेज 98.7 मिमी बारिश हुई।
  • अगस्त में अब तक दिल्ली में 230.5 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य 226.8 मिमी से ज्यादा है।
  • पूर्वानुमान की वैधता: 16 अगस्त 2026 तक पूर्वानुमान मान्य है। अगले 48 घंटों में मौसम प्रणालियों की स्थिति के अनुसार अपडेट संभव है।

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दिल्ली और आसपास के इलाकों में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क रहा और बारिश नहीं हुई। इससे पहले 4 से 8 अगस्त के बीच लगातार पांच दिनों तक दिल्ली में बारिश हुई थी। अगस्त के पहले सप्ताह में दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र में कुल 127 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पिछले 16 वर्षों में अगस्त के पहले सप्ताह में हुई सबसे ज्यादा बारिश है। गौरतलब है, इस सीजन की अब तक की सबसे तेज बारिश 8 अगस्त की सुबह दर्ज की गई थी। साथ ही सफदरजंग वेधशाला में 24 घंटे के दौरान 98.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।

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इसके बाद अगले 24 घंटों में बारिश काफी हल्की और कुछ इलाकों तक सीमित रही। इसके बावजूद अगस्त में अब तक दिल्ली में कुल 230.5 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है, जो पूरे अगस्त की सामान्य बारिश 226.8 मिमी से भी ज्यादा है। यानी अगस्त महीने का सामान्य बारिश का आंकड़ा पहले हिस्से(शुरुआत) में पार हो चुका है। हालांकि, दिल्ली में बारिश का दौर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इस सप्ताह फिर से बारिश होने की संभावना बनी हुई है। खासकर अगले 24 से 48 घंटे मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

मानसून ट्रफ और मध्य प्रदेश के सिस्टम से बदलेगा दिल्ली का मौसम

इस समय दिल्ली में बारिश कराने वाला सबसे जरूरी मौसम सिस्टम मानसून ट्रफ है। सामान्य तौर पर इस अवधि में मानसून ट्रफ दिल्ली के आसपास रहती है, लेकिन फिलहाल यह अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बनी हुई है। इसकी वजह मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों और आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र है। फिलहाल मानसून ट्रफ जैसलमेर, गुना, कम दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र, डाल्टनगंज होते हुए आगे पूर्व की ओर जा रही है। यह ट्रफ लगातार अपनी स्थिति में थोड़ा बदलाव कर रही है। इसी वजह से दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हवाओं का पैटर्न भी बदलता हुआ और कुछ अस्थिर बना हुआ है।

आने वाले समय में कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम की ओर बढ़ेगा और पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर पहुँच सकता है। इसके साथ बना चक्रवाती परिसंचरण पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों तथा पूर्वी राजस्थान तक फैल सकता है। इस दौरान मानसून ट्रफ दिल्ली के दक्षिण में ही रहेगी, लेकिन दिल्ली के काफी करीब बनी रहेगी। इसलिए दिल्ली और NCR में बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके अलावा उत्तरी पहाड़ी इलाकों में एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। यह मुख्य रूप से ऊपरी वायुमंडल में मौजूद है। मंगलवार 11 अगस्त को को पश्चिमी विक्षोभ और मध्य प्रदेश के कम दबाव वाले क्षेत्र के बीच आपसी आपसी प्रभाव (interaction) होने की अच्छी संभावना है। इस आपसी प्रभाव interaction का असर दिल्ली पर भी पड़ेगा, क्योंकि दिल्ली इस मौसम प्रणाली के उत्तर-दक्षिण वाले प्रभाव क्षेत्र के बीच में स्थित रहेगी।

कल बढ़ेगी बारिश की गतिविधि, बुधवार सुबह फिर लौट सकती हैं बौछारें

दिल्ली-NCR में इस पूरे सप्ताह हल्की बारिश और बौछारें देखने को मिल सकती हैं। हालांकि, मंगलवार को बारिश की तीव्रता और इसका दायरा बढ़ने की संभावना है। कई इलाकों में बारिश तेज और लंबे समय तक हो सकती है। मंगलवार सुबह से लेकर पूर्वाह्न, दोपहर और शाम तक दिल्ली तथा आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश पड़ने की संभावना है। इसके बाद कुछ समय के लिए बारिश में ब्रेक आ सकता है। लेकिन बुधवार 12 अगस्त तड़के यानी प्रकाश होने से पहले बारिश फिर से शुरू हो सकती है और सुबह तक जारी रह सकती है। इसके बाद भी दिल्ली-NCR में पूरे सप्ताह रुक-रुककर हल्की बारिश जारी रहने की संभावना है। यानी दिल्ली में अगले कुछ दिनों के दौरान पूरी तरह शुष्क मौसम की संभावना कम है।

हालांकि,अभी से यह कहना थोड़ा जल्दबाजी होगा, लेकिन बारिश 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के मुख्य कार्यक्रमों के दौरान भी अपना असर दिखा सकती है। खासकर सुबह के समय बारिश या बादलों की स्थिति बन सकती है। हालांकि, 15 अगस्त के मौसम को लेकर अभी अधिक भरोसे के साथ पूर्वानुमान देने के लिए थोड़ा और समय चाहिए। अगले करीब 48 घंटों में मौसम की स्थिति और साफ होने के बाद इस बारे में ज्यादा विश्वसनीय अपडेट दिया जा सकेगा।

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पूर्वानुमान की वैधता

यह पूर्वानुमान 10 अगस्त 2026 को उपलब्ध मौसम संबंधी परिस्थितियों और सिस्टम के आधार पर है। अगले 48 घंटों में मौसम प्रणालियों की स्थिति के अनुसार बारिश की तीव्रता, क्षेत्र और 15 अगस्त के पूर्वानुमान में बदलाव संभव है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

हां, मंगलवार को दिल्ली-NCR में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना है। सुबह से शाम तक अलग-अलग समय पर बारिश हो सकती है और इसकी तीव्रता सोमवार की तुलना में ज्यादा रह सकती है।

दिल्ली में अगस्त में अब तक 230.5 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है, जबकि पूरे अगस्त की सामान्य बारिश 226.8 मिमी है। यानी दिल्ली ने अगस्त की सामान्य बारिश का आंकड़ा पहले ही पार कर लिया है।

फिलहाल 15 अगस्त की सुबह बारिश या बादलों का असर रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, अभी पूर्वानुमान में कुछ अनिश्चितता है और अगले 48 घंटों में मौसम प्रणालियों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ज्यादा भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है