मध्य प्रदेश पर निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय, वीकेंड तक तेज बारिश का खतरा, कई जिले प्रभावित

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Sep 3, 2026, 1:30 PM
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मौसम अपडेट, सांकेतिक फोटो: AI Generated

मुख्य मौसम बिंदु

  • मध्य प्रदेश में अगले 48 घंटे बहुत भारी बारिश का खतरा है।
  • 3 और 4 सितंबर को बारिश सबसे ज्यादा तेज रह सकती है।
  • 5 से 7 सितंबर के बीच बारिश का दायरा बढ़ेगा।
  • 8 सितंबर से बारिश पूर्वी मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी यूपी की ओर खिसकेगी।
  • Forecast Validity: यह मौसम पूर्वानुमान 9 सितंबर 2026 तक मान्य है।

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मध्य प्रदेश के ऊपर बना अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र बहुत धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। फिलहाल यह उत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिण उत्तर प्रदेश की सीमा के पास बना हुआ है। मौसम प्रणाली अगले कुछ समय तक लगभग इसी क्षेत्र में बनी रह सकती है और इसमें यहां-वहां मामूली बदलाव ही देखने को मिलेंगे। करीब 36 घंटे बाद इसकी ताकत कुछ कम हो सकती है। इसके बावजूद अगले 48 घंटे तक मध्य प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश और उत्तर प्रदेश में भारी से मध्यम बारिश कराने की क्षमता इस सिस्टम में बनी रहेगी। यानी आने वाले दो दिन मध्य प्रदेश के लिए मौसम के लिहाज से बेहद अहम रहेंगे।

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कई मौसम प्रणालियां मिलकर बढ़ा रही हैं बारिश

बारिश को बढ़ाने के लिए इस समय कई मौसम प्रणालियां एक साथ काम कर रही हैं। उत्तर-दक्षिण दिशा में बना पश्चिमी विक्षोभ, मध्य प्रदेश के ऊपर मौजूद निम्न दबाव के आगे बने हवाओं के मिलने वाले क्षेत्र और सतह पर मौजूद पूर्व-पश्चिम दिशा की मानसून ट्रफ एक साथ सक्रिय हैं। इन सभी के कारण मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बहुत तेज बारिश हो सकती है।

3 और 4 सितंबर को मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। इसके बाद सिस्टम थोड़ा कमजोर होगा, जिससे बारिश की तीव्रता कुछ कम हो सकती है, लेकिन 5, 6 और 7 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़ सकता है। 8 सितंबर को तेज बारिश का क्षेत्र पूर्व की ओर खिसककर पूर्वी मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहुंच सकता है। 9 सितंबर तक खराब मौसम इन दोनों राज्यों से आगे बढ़कर बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ की ओर चला जाएगा, हालांकि वहां इसकी तीव्रता अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है।

इन इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा, अगले 72 घंटे बेहद महत्वपूर्ण

अगले 48 घंटों में मध्य प्रदेश के ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, अशोकनगर, टीकमगढ़, भिंड, मुरैना, दतिया, पन्ना, सागर, भोपाल और आसपास के इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का खतरा है। उत्तर प्रदेश में मध्य प्रदेश से सटे क्षेत्रों के साथ कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, फुरसतगंज, अयोध्या, हमीरपुर, रायबरेली, अमेठी, वाराणसी, आजमगढ़ और बलिया प्रभावित हो सकते हैं। मध्य प्रदेश में मौसम बेहद खतरनाक हो सकता है, जबकि उत्तर प्रदेश में भी सावधानी जरूरी है।

अगले 72 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान कुछ जगह अचानक बाढ़, बहुत तेज बारिश, जलभराव, आंधी-तूफान और बिजली-गरज के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम संवेदनशील इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। खासकर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा गंभीर रहेगा, इसलिए गरज-चमक के समय खुले मैदान, खेत और पेड़ों के नीचे जाने से बचना और सुरक्षित पक्की इमारत में रहना जरूरी है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

3 और 4 सितंबर को मध्य प्रदेश में बारिश सबसे ज्यादा तेज रहने की संभावना है। अगले 48 घंटे अत्यधिक भारी बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।

हां, उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 48 घंटे भारी से मध्यम बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश से सटे जिलों में ज्यादा असर देखने को मिल सकता है।

8 सितंबर से बारिश का क्षेत्र पूर्वी मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर खिसकेगा। 9 सितंबर तक इसका असर बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में पहुंच सकता है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है