कम दबाव बना डिप्रेशन, बंगाल-झारखंड-बिहार में अलर्ट, अगले 48 घंटे मूसलाधार बारिश की आशंका

By: Skymet team | Edited By:
Jul 15, 2025, 7:05 PM
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बंगाल-झारखंड-बिहार में अलर्ट

पश्चिम बंगाल पर बना निम्न दबाव क्षेत्र पश्चिम की ओर बढ़ते हुए डिप्रेशन में तब्दील हो गया है। यह सिस्टम फिलहाल झारखंड में धनबाद के उत्तर में केंद्रित है। अगले 24 घंटों में यह बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के त्रिबिंदु (Trijunction) के पास पहुँचेगा। इसके बाहरी क्षेत्र में उत्तर छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश शामिल रहेंगे। अगले 48 घंटों के दौरान इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद यह वर्षा क्षेत्र मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अन्य भागों की ओर बढ़ेगा।

दोनों प्रणालियाँ सक्रिय मानसून को दे रहीं समर्थन

राजस्थान पर एक और निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय है, जो एक चक्रवाती परिसंचरण से जुड़ा है। इन दोनों प्रणालियों को जोड़ती हुई मानसून ट्रफ भी सक्रिय है। यह तीनों तंत्र आपस में तालमेल बनाकर पूरे क्षेत्र में मौसम गतिविधियों को बनाए रखने में सहायक बन रहे हैं। पूर्वी भारत से लेकर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान तक सक्रिय मानसून की स्थिति बनी रहेगी, हालांकि यह चरणबद्ध तरीके से प्रभाव डालेगा।

15-16 जुलाई को झारखंड, बिहार और बंगाल में अधिक अस

15 और 16 जुलाई को बंगाल, बिहार और झारखंड में सक्रिय मानसून की स्थिति बनी रहेगी। खासकर बिहार के दक्षिणी हिस्सों में अधिक वर्षा की संभावना है। 17 जुलाई को तेज वर्षा की गतिविधियाँ पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे इलाके और उत्तर छत्तीसगढ़ तक फैल जाएंगी। इसके बाद यह स्थिति और पश्चिम की ओर खिसकती हुई मध्य और उत्तर मध्य प्रदेश तथा दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश को भी प्रभावित करेगी। पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाके भी इस गतिविधि के बाहरी क्षेत्र में आ सकते हैं।

अत्यधिक बारिश से प्रभावित हो सकते हैं ये जिले

पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के कई इलाके इस खराब मौसम की चपेट में आ सकते हैं। जिन स्थानों पर जोखिम अधिक रहेगा, वे पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, बांकुरा, मालदा, बहरामपुर, बर्धमान, बीरभूम, नदिया, मुर्शिदाबाद, मिदनापुर हैं।

इसके साथ ही बिहार और झारखंड के बक्सर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद, गया, नवादा, जमुई, बांका, जहानाबाद, भागलपुर, आरा, पटना, समस्तीपुर, खगड़िया, गढ़वा, पलामू, हजारीबाग, बोकारो, रांची, गुमला, खूंटी, जमशेदपुर में भी भारी बारिश का खतरा है।

वहीं, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के सागर, रीवा, सतना, छतरपुर, जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, भिंड, मुरैना, दतिया, टीकमगढ़, झांसी, ललितपुर, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, लखनऊ, जयपुर, अजमेर, कोटा, बूंदी, टोंक, बारां, अलवर, सीकर, धौलपुर जिलें में भी भारी बारिश, बाढ़ और जलभराव होने के आसार हैं।

इन राज्यों में मौसम शांत रहेगा

पश्चिमी राजस्थान और गुजरात में इस मौसमी गतिविधि का असर सबसे कम रहेगा। वहां आने वाले कुछ दिनों में मौसम शुष्क या सामान्य बना रहेगा।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

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