मानसूनी अवदाब पश्चिम की ओर बढ़ा, महाराष्ट्र-तेलंगाना-एमपी और गुजरात में मूसलाधार बारिश का अलर्ट
मुख्य मौसम बिंदु
- मानसूनी अवदाब पश्चिम की ओर बढ़ते हुए दक्षिण राजस्थान और उत्तर गुजरात तक पहुंचेगा।
- गुजरात, कोंकण, उत्तर मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश में भारी बारिश का खतरा।
- गुजरात के कई बाढ़ प्रभावित जिलों में दोबारा तेज बारिश की संभावना है।
- 2–3 अगस्त तक बारिश का असर जारी रहेगा, जबकि 4 अगस्त से मौसम में सुधार के संकेत।
- पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान 30 जुलाई से 4 अगस्त 2026 तक के लिए मान्य है और मौसम प्रणालियों में बदलाव के अनुसार अपडेट किया जा सकता है।
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ओडिशा और छत्तीसगढ़ पर बना मानसूनी अवदाब (Monsoon Depression) अब लगभग पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए मध्य छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के आसपास पहुंच गया है। इस मौसम प्रणाली का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) लगभग 20,000 फीट (करीब 6 किमी) से अधिक ऊंचाई तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है। अगले 24 से 48 घंटों में यह प्रणाली पश्चिम की ओर बढ़ते हुए मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा के साथ आगे बढ़ेगी। इसके बाद यह धीरे-धीरे कमजोर होकर दक्षिण राजस्थान और उत्तर गुजरात के आसपास कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) में बदल जाएगी। आगे चलकर यह और उत्तर की ओर बढ़ेगी तथा इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों में सक्रिय मानसून ट्रफ में मिल जाएगी।
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सैटेलाइट इमेज, Himawari
मॉडल में बदलाव: अब गुजरात और कोंकण पर भी दिखेगा अवदाब का असर
पिछले 24 घंटों में मौसम मॉडल के अनुमान में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। पहले यह माना जा रहा था कि यह अवदाब गुजरात, कोंकण और दक्षिण राजस्थान को अधिक प्रभावित नहीं करेगा। लेकिन ताजा मॉडल के अनुसार अब यह प्रणाली मध्य भारत से गुजरते हुए उत्तर गुजरात और दक्षिण राजस्थान की सीमा तक पहुंचेगी। इसके कारण भारी बारिश का दायरा बढ़ गया है। अब उत्तर मध्य महाराष्ट्र, कोंकण, गुजरात के आंतरिक हिस्सों, दक्षिण-पूर्व राजस्थान और दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश में भी तेज से बहुत तेज बारिश की संभावना बन गई है। यानी पहले जिन इलाकों में कम असर की उम्मीद थी, अब वहां भी मौसम काफी खराब हो सकता है।
आज से 1 अगस्त तक बदलेंगे भारी बारिश वाले इलाके
इस अवदाब से जुड़ा सबसे अधिक नमी वाला क्षेत्र इसके दक्षिण-पश्चिम हिस्से में बना हुआ है। आमतौर पर ऐसी प्रणाली में सबसे तेज बारिश अवदाब के आगे वाले हिस्से और दक्षिण-पश्चिमी भाग में होती है, जबकि पीछे और उत्तर की ओर मौसम अपेक्षाकृत बेहतर रहता है। जैसे-जैसे यह प्रणाली लगभग 22° उत्तरी अक्षांश के आसपास बने पूर्व-पश्चिम शियर ज़ोन के साथ आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे भारी बारिश वाले क्षेत्र भी बदलते जाएंगे। 30 जुलाई को तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिणी राजस्थान में भारी बारिश का खतरा रहेगा।
31 जुलाई को विदर्भ और मराठवाड़ा से भारी बारिश कम होगी, लेकिन इसका असर कोंकण, उत्तर मध्य महाराष्ट्र, दक्षिणी तटीय गुजरात, मध्य और उत्तर गुजरात के आंतरिक हिस्सों तथा सौराष्ट्र से लगे क्षेत्रों तक फैल जाएगा। वहीं दक्षिण राजस्थान और दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश में भी बारिश का प्रभाव बना रहेगा। 1 अगस्त को बारिश की तीव्रता कुछ कम होगी, लेकिन सौराष्ट्र, मध्य गुजरात और दक्षिण राजस्थान से लगे क्षेत्रों में अच्छी बारिश जारी रहने की संभावना है।
गुजरात में फिर बढ़ा बाढ़ का खतरा, 4 अगस्त से मिल सकती है राहत
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विशेष रूप से गुजरात के लिए नया अलर्ट जारी किया है। जिन इलाकों में एक सप्ताह पहले अत्यधिक बारिश और बाढ़ जैसे हालात बने थे, वहां एक बार फिर भारी बारिश की आशंका है। इनमें भावनगर, बोटाद, आनंद, खेड़ा, अहमदाबाद, गांधीनगर, गोधरा, पंचमहल, वडोदरा, भरूच, सूरत, नवसारी, वापी और वलसाड शामिल हैं। राज्य के अन्य हिस्सों में भी मध्यम बारिश होने की संभावना है। बारिश का असर 2 और 3 अगस्त तक बना रह सकता है। इसके बाद 4 अगस्त से मौसम में सुधार होने और अधिकांश क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों के कम होने की संभावना है।
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