बारिश का नया ट्रैक! छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश से आगे बढ़ेगा मानसून, अब दिल्ली, पंजाब और राजस्थान में मूसलाधार बारिश
मुख्य मौसम बिंदु
- गहरा दबाव धीरे-धीरे दक्षिण छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ रहा।
- अब भारी बारिश ओडिशा से मध्य प्रदेश और बाद में राजस्थान तक पहुंचेगी।
- राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी यूपी मानसून बारिश तेज की संभावना।
- गुजरात और उत्तर कोंकण में अत्यधिक बारिश की संभावना फिलहाल कम है।
- पूर्वानुमान वैधता: यह पूर्वानुमान 29 जुलाई से 4 अगस्त 2026 तक लागू है।
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ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों पर बना गहरा दबाव (Deep Depression) बहुत धीमी गति से पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। फिलहाल इसका केंद्र ओडिशा के झारसुगुड़ा और हीराकुंड के पास स्थित है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह सिस्टम अपनी ताकत फिलहाल बनाए रखते हुए दक्षिण छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश की ओर आगे बढ़ेगा। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से मानसून ट्रफ का पूर्वी हिस्सा दक्षिण की ओर खिसक गया है, जो अब उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक पहुंच रहा है। इसके कारण पहले मध्य भारत में और बाद में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मानसून काफी सक्रिय से अत्यधिक सक्रिय रहने की संभावना है।
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सैटेलाइट इमेज, Himawari
ओडिशा, छत्तीसगढ़, विदर्भ और तेलंगाना में भारी बारिश
इस गहरे दबाव के कारण दक्षिण ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़, विदर्भ और तेलंगाना के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई है। जिन स्थानों पर 100 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, उनमें केंदुझारगढ़, हीराकुंड, माना, नागपुर, रामागुंडम और निजामाबाद शामिल हैं।अगले 24 घंटों में भारी बारिश का क्षेत्र ओडिशा से धीरे-धीरे हटकर मध्य प्रदेश और उसके बाद राजस्थान तक पहुंच जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार इस सिस्टम में सबसे अधिक नमी और वर्षा का क्षेत्र इसके दक्षिण-पश्चिम हिस्से और आगे की दिशा में बना हुआ है। अगले 24 घंटों के दौरान ओडिशा, छत्तीसगढ़, दक्षिण मध्य प्रदेश, विदर्भ और तेलंगाना में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।
कमजोर होगा सिस्टम, लेकिन उत्तर भारत में बढ़ाएगा बारिश
अगले 24 घंटों में यह गहरा दबाव कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल जाएगा और इसके अगले 36 घंटों में यह सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र (Well Marked Low Pressure Area) बन जाएगा। मध्य प्रदेश के मध्य भागों से गुजरने के बाद यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में मुड़ते हुए उत्तर मध्य प्रदेश और उत्तर-पूर्वी राजस्थान की ओर बढ़ेगा।
इस बदले हुए ट्रैक के कारण गुजरात और उत्तर कोंकण में पिछले सप्ताह जैसी अत्यधिक बारिश की संभावना नहीं है और इन क्षेत्रों को राहत मिलेगी। वहीं दूसरी ओर, इस सिस्टम के उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ने से राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में मानसून गतिविधियां तेज होंगी। 1 से 4 अगस्त के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तराई और उत्तराखंड में तेज और व्यापक बारिश होने की संभावना है। वहीं केरल और तटीय कर्नाटक को छोड़कर पूरे दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले सप्ताह के मध्य तक मौसम गतिविधियां काफी सीमित रहने की संभावना है।
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