मानसून की रफ्तार धीमी, राजस्थान के आखिरी इलाकों में अटका मानसून, अगले 3 दिनों में पूरे देश को करेगा कवर

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jul 8, 2026, 5:45 PM
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राजस्थान मौसम अपडेट

मुख्य मौसम बिंदु

  • 8 जुलाई तक मानसून ने लगभग पूरे भारत को कवर कर लिया है।
  • जैसलमेर और बाड़मेर के कुछ सीमावर्ती क्षेत्र अभी भी मानसून से वंचित हैं।
  • मध्य पाकिस्तान के ऊपर बनने वाला चक्रवाती परिसंचरण मानसून को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।
  • 11 जुलाई तक पूरे देश में मानसून पहुंचने की संभावना है।
  • वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान 8 जुलाई से 11 जुलाई 2026 तक प्रभावी है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य समय-सीमा के अनुसार 8 जुलाई तक पूरे भारत को कवर कर लेता है। लेकिन इस बार 8 जुलाई तक भी मानसून पश्चिमी राजस्थान के अंतिम हिस्सों तक नहीं पहुंच पाया है। फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) पश्चिम में बाड़मेर और पूर्व में भटिंडा से होकर गुजर रही है। इसका मतलब है कि जैसलमेर जिले और बाड़मेर के कुछ सीमावर्ती हिस्से अभी भी मानसून की पहुंच से बाहर हैं। हालांकि पिछले 2 से 3 दिनों के दौरान जैसलमेर से सटे फलोदी, जोधपुर और बीकानेर जिलों में अच्छी बारिश हुई है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि मानसून अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

क्यों हो रही है देरी, क्या है मौसम की वजह?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान के अंतिम इलाकों तक मानसून पहुंचाना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहता है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाएं अकेले इन दूरस्थ और शुष्क क्षेत्रों तक पर्याप्त नमी नहीं पहुंचा पातीं। आमतौर पर जब कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के पहाड़ों से गुजरता है, तो वह मानसून ट्रफ को उत्तर-पश्चिम की ओर धकेलता है और मानसून को पश्चिमी राजस्थान के अंतिम हिस्सों तक पहुंचने में मदद मिलती है। फिलहाल 72° पूर्व देशांतर के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी वायुमंडल में मौजूद है, लेकिन यह 30° उत्तर अक्षांश से ऊपर सीमित है और इतना मजबूत नहीं दिख रहा कि अच्छी बारिश के साथ मानसून को आगे बढ़ा सके।

11 जुलाई तक पूरे देश में पहुंच सकता है मानसून

अगले कुछ दिनों में मध्य पाकिस्तान तथा उससे सटे पंजाब और उत्तर राजस्थान के ऊपर निचले स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। अरब सागर से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं इसमें नमी पहुंचाकर इसे कुछ मजबूत कर सकती हैं। इसके प्रभाव से पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, पोखरण, कनोई, माडासर, तनोट और बाड़मेर के मुनाबाव जैसे इलाकों में हल्की बारिश या फुहारें पड़ सकती हैं। इसके बाद 11 जुलाई 2026 तक मानसून के पूरे देश को कवर करने की संभावना है। यदि ऐसा होता है, तो यह वर्ष 2021 के बाद सबसे देर से होने वाला पूर्ण मानसून कवरेज होगा। वर्ष 2021 में मानसून 13 जुलाई को पूरे देश में पहुंचा था, जबकि 2025 में यह 29 जून को ही पूरे भारत को कवर कर चुका था, जो हाल के वर्षों में सबसे जल्दी था।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

पश्चिमी राजस्थान के अंतिम हिस्सों तक मानसून पहुंचाने के लिए अनुकूल मौसम प्रणालियों की जरूरत होती है। फिलहाल सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पर्याप्त मजबूत नहीं है, इसलिए देरी हो रही है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 11 जुलाई 2026 तक मानसून के पूरे देश को कवर करने की संभावना है।

जैसलमेर, पोखरण, कनोई, माडासर, तनोट और बाड़मेर के मुनाबाव जैसे इलाकों में अगले कुछ दिनों में हल्की बारिश या फुहारें पड़ सकती हैं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है

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