दिल्ली-एनसीआर में मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेहाल, जानें कब होगा मौसम में सुधार

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Aug 25, 2026, 1:00 PM
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दिल्ली-एनसीआर मौसम अपडेट

मुख्य मौसम बिंदु

  • दिल्ली में पिछले 24 घंटों में दूसरी बार भारी से बहुत भारी बारिश हुई।
  • सफदरजंग में 99.1 मिमी, लोधी रोड में 98.3 मिमी और पालम में 68 मिमी बारिश दर्ज हुई।
  • अगस्त में सफदरजंग की कुल बारिश 381.7 मिमी पहुंच गई, जो करीब 20 वर्षों में तीसरी सबसे अधिक है।
  • बारिश के कारण दिल्ली-एनसीआर में जलभराव, ट्रैफिक और उड़ानों पर असर पड़ा।
  • पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान 30 अगस्त तक मान्य है।

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दिल्ली-एनसीआर में पिछले 24 घंटों के दौरान दूसरी बार भारी से बहुत भारी बारिश हुई। पहली तेज बारिश कल दोपहर हुई थी, जबकि आज तड़के सुबह लगभग उसी तरह की जोरदार बारिश ने दस्तक दी। लगातार दो दौर की बारिश से दिल्ली की सड़कों पर जलभराव हो गया और कई इलाकों में कमर तक पानी भर गया। इससे ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत पूरे एनसीआर में भी भारी बारिश दर्ज की गई। इस सीजन की सबसे भारी बारिश ने सड़क, रेल और हवाई यातायात को प्रभावित किया। कल दोपहर खराब मौसम के कारण 15 उड़ानों को जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ डायवर्ट करना पड़ा। इनमें कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शामिल थीं। कई उड़ानें रद्द या रीशेड्यूल पुनर्निर्धारित की गईं। हालांकि अब हवाई सेवाएं सामान्य हो गई हैं, लेकिन उड़ानों के समय में हुए बदलाव का असर अभी कुछ हद तक बना हुआ है।

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दो अलग-अलग हवाओं के मिलने से बनी खतरनाक मौसम स्थिति

दिल्ली में इस असाधारण बारिश के पीछे दो अलग-अलग प्रकृति की हवाओं का आपस में मिलना मुख्य कारण रहा। एक तरफ उत्तर दिशा से आने वाली अपेक्षाकृत शुष्क हवाएं थीं, वहीं दूसरी तरफ पूर्वी दिशा से नमी से भरी हवाएं आ रही थीं। छत्तीसगढ़ और झारखंड के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र से भी इन पूर्वी हवाओं को पर्याप्त नमी मिल रही थी। इसके अलावा हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में निचले स्तर पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ था, जिसने मौसम गतिविधियों को और बढ़ाया। करीब 22° उत्तरी अक्षांश के आसपास बना मजबूत पूर्व-पश्चिम दिशा का शियर जोन भी गर्मी और नमी को बढ़ाने में मदद कर रहा था। इन सभी मौसमी परिस्थितियों के एक साथ आने से दिल्ली में बहुत तेज बारिश हुई। हालांकि अब मानसून ट्रफ के धीरे-धीरे उत्तर की ओर खिसकने और दिल्ली से कुछ दूर चले जाने की संभावना है। इसलिए सबसे खराब दौर अब गुजरता हुआ नजर आ रहा है और दिन बढ़ने के साथ मौसम में सुधार की उम्मीद है।

सफदरजंग में सीजन की सबसे भारी बारिश, अगस्त में 381.7 मिमी

दिल्ली के बेस स्टेशन सफदरजंग में पिछले 24 घंटों में 99.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इस सीजन में यहां हुई सबसे भारी बारिश है। इससे पहले 8 अगस्त 2026 को भी सफदरजंग में 99 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई थी। इसी दौरान लोधी रोड में 98.3 मिमी और पालम में 68 मिमी बारिश हुई। इस बारिश के बाद सफदरजंग में अगस्त की कुल बारिश बढ़कर 381.7 मिमी हो गई है। यह पिछले करीब 20 वर्षों में अगस्त की तीसरी सबसे अधिक बारिश है। यह आंकड़ा अगस्त 2025 के 400.1 मिमी और अगस्त 2024 के 390.3 मिमी के काफी करीब पहुंच गया है। हालांकि अब महीने के बचे हुए दिनों में बारिश बहुत कम रहने की संभावना है और केवल छिटपुट बारिश हो सकती है। बारिश कम होते ही तापमान बढ़ेगा और सप्ताहांत के आसपास अधिकतम तापमान 36°C तक पहुंच सकता है। आज तापमान करीब 32°C (+/-1°C) रह सकता है, जो सामान्य से लगभग 3°C कम है। कल से खासकर दोपहर के समय सतही हवाएं तेज होने की संभावना है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

सफदरजंग में पिछले 24 घंटों में 99.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इस सीजन की सबसे भारी बारिश है।

शुष्क उत्तरी हवाओं और नमी वाली पूर्वी हवाओं के टकराव, हरियाणा के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण, 22°N पर शियर जोन और मानसून ट्रफ की मौजूदगी ने बारिश को बढ़ाया।

फिलहाल सबसे खराब दौर गुजरता नजर आ रहा है। अगस्त के बाकी दिनों में बारिश कम और छिटपुट रहने की संभावना है, जबकि तापमान सप्ताहांत के आसपास 36°C तक पहुंच सकता है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है