केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश, कई इलाकों में जलभराव का खतरा, 26 अगस्त से कमजोर होगा मानसून का असर
मुख्य मौसम बिंदु
- केरल और तटीय कर्नाटक में अगले 72 घंटे भारी बारिश के आसार।
- गोवा में भी तेज बारिश और गरज-चमक पहुंच सकती है।
- 24–25 अगस्त को बारिश की तीव्रता सबसे ज्यादा रहने की संभावना।
- 26 अगस्त से भारी बारिश का दायरा दक्षिणी केरल तक सिमटेगा।
- पूर्वानुमान वैधता: 24 अगस्त से अगस्त के अंतिम दिनों तक यह मौसम पूर्वानुमान मान्य है।
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केरल और तटीय कर्नाटक में अगले 72 घंटों के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। तेज और तीव्र बारिश की गतिविधियां गोवा तक पहुंच सकती हैं। हालांकि, 26 अगस्त 2026 के बाद मानसून की सक्रियता कमजोर होने लगेगी। इसके बावजूद अगस्त के बाकी दिनों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
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फिलहाल केरल और तटीय कर्नाटक दोनों में करीब 24% बारिश की कमी बनी हुई है। खास बात यह है कि ये दोनों क्षेत्र मानसून सीजन के दौरान देश के सबसे ज्यादा बारिश वाले इलाकों में शामिल होते हैं। यहां बारिश कराने वाली प्रमुख मौसम प्रणालियों में ऑफ-शोर ट्रफ और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मानसूनी सिस्टम शामिल हैं। इस समय पश्चिमी घाट के समानांतर बनी उत्तर-दक्षिण दिशा वाली मौसमी ट्रफ कमजोर है। लेकिन उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटीय हिस्सों पर बना निम्न दबाव क्षेत्र अरब सागर से आने वाली मानसूनी हवाओं को मजबूत कर रहा है। समुद्र से आने वाली तेज पश्चिमी हवाएं पश्चिमी घाट और तट से टकराती हैं, जिससे भारी मानसूनी बारिश होती है। आमतौर पर ऐसी गतिविधि कुछ दिनों तक रहती है और बंगाल की खाड़ी का सिस्टम जमीन की ओर बढ़ने के साथ कमजोर पड़ जाती है।
केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
अगले तीन दिनों में केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश की संभावना है। केरल के कुछ हिस्से पहले भी स्थानीय बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित हो चुके हैं। इस बार तेज बारिश का दौर दोबारा ऐसी परिस्थितियां पैदा कर सकता है। भारी बारिश और गरज-चमक का असर तटीय कर्नाटक और गोवा तक भी पहुंचेगा।
केरल में तिरुवनंतपुरम, कोवलम, कोल्लम, अलप्पुझा, कोच्चि, त्रिशूर, कोझिकोड, थालास्सेरी, कन्नूर, कुडलू और कासरगोड जैसे क्षेत्रों में मौसम पर विशेष नजर रखने की जरूरत होगी। कर्नाटक में मंगलुरु से करवार तक का पूरा तटीय इलाका तेज मानसूनी बारिश के दौर के लिए संवेदनशील रहेगा। बारिश की तीव्रता और दायरा आज और कल यानी 24–25 अगस्त को सबसे ज्यादा रहने की संभावना है।
26 अगस्त से बारिश का दायरा घटेगा
26 अगस्त को भारी बारिश का क्षेत्र सिकुड़कर दक्षिणी तटीय केरल तक सीमित हो सकता है। बारिश की गतिविधियां खासतौर पर देर शाम और रात के समय ज्यादा प्रभावी रहने की संभावना है। इसके बाद सप्ताह के बाकी दिनों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है, लेकिन इससे किसी बड़े नुकसान की आशंका नहीं है। लगातार होने वाली यह बारिश केरल और तटीय कर्नाटक में मौसमी बारिश की कमी को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकती है। हालांकि, अगस्त के बाकी दिनों में बारिश की तीव्रता आज और कल की तुलना में कम रहने की संभावना है।
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