बरेली में रिकॉर्डतोड़ बारिश से जलभराव, जानें किस दिन से होगा मौसम में सुधार

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Sep 7, 2026, 2:15 PM
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मौसम अपडेट

मुख्य मौसम बिंदु

  • यूपी के बरेली में पिछले 24 घंटों में रिकॉर्ड 381.1 मिमी बारिश दर्ज।
  • शाहजहांपुर में 24 घंटे में 227 मिमी बारिश हुई, पिछला रिकॉर्ड 267.2 मिमी था।
  • कुछ इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया और निचले क्षेत्रों में गंभीर जलभराव।
  • दक्षिण-पश्चिम यूपी का निम्न दबाव, पश्चिमी विक्षोभ और तराई के करीब पहुंची मानसून ट्रफ।
  • पूर्वानुमान वैधता: 10 सितंबर तक यह पूर्वानुमान मान्य है।

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तराई और पहाड़ी इलाकों के पास पिछले 24 घंटों के दौरान बेहद भारी बारिश हुई। इस मौसम प्रणाली के साथ छोटे स्तर पर विकसित हुए घने संवहनीय बादल (Meso-scale Convective Clouds) जुड़े थे, जिनके कारण कुछ इलाकों में अचानक और बहुत तेज बारिश हुई। बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत, हरदोई और खीरी में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। उत्तराखंड के तराई और निचले पहाड़ी इलाकों में भी मौसम ने काफी उग्र रूप दिखाया। हालांकि, दिन बढ़ने के साथ बरेली में मौसम की स्थिति में सुधार होने की संभावना है।

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बरेली में 24 घंटे की रिकॉर्ड बारिश, 381.1 मिमी पानी बरसा

रामगंगा नदी के पास और दिल्ली-लखनऊ के बीच स्थित बरेली शहर में कल शाम और रात हुई बेहद भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए। शहर में पिछले 24 घंटों के दौरान 381.1 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो बरेली की अब तक की सबसे अधिक 24 घंटे की बारिश है। पड़ोसी शहर शाहजहांपुर में भी इसी अवधि के दौरान 227 मिमी बारिश दर्ज हुई।

इससे पहले शाहजहांपुर में 17 सितंबर 2005 को 24 घंटे में 267.2 मिमी बारिश का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था। पिछले करीब 15 वर्षों में बरेली के तराई क्षेत्र में 24 घंटे की बारिश दो बार 100 मिमी के आंकड़े को पार कर चुकी थी—17 सितंबर 2023 को 102.9 मिमी और 1 सितंबर 2025 को 125.3 मिमी बारिश हुई थी। लेकिन इस बार रातभर हुई मूसलाधार बारिश ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। शहर के कुछ हिस्सों में घुटनों तक पानी भर गया, जबकि निचले इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति बन गई।

बारिश का दायरा उत्तराखंड से बिहार तक बढ़ेगा

इस भारी बारिश के पीछे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र प्रमुख कारण रहा, जो पहले मध्य प्रदेश के ऊपर सक्रिय मानसूनी सिस्टम का बचा हुआ हिस्सा है। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। वहीं, मौसमी मानसून ट्रफ भी खिसककर तराई के इलाकों के करीब पहुंच गई। इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से बरेली और आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। अब निम्न दबाव क्षेत्र धीरे-धीरे उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्सों की ओर बढ़ेगा और कमजोर भी होगा। इसके बावजूद मौसम की सक्रियता उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के उन इलाकों में बढ़ सकती है, जो रामगंगा नदी के बहाव क्षेत्र में नीचे की ओर स्थित हैं। इनमें पीलीभीत, खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, सीतापुर और शाहपुर शामिल हैं। इसके बाद भारी बारिश की गतिविधियां लखनऊ और पड़ोसी शहर कानपुर तक भी पहुंच सकती हैं। सप्ताह के मध्य और उसके बाद भारी बारिश का क्षेत्र पूर्वी उत्तर प्रदेश की तराई और फिर बिहार की ओर बढ़ने की संभावना है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

बरेली में पिछले 24 घंटों के दौरान 381.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो शहर की अब तक की सबसे अधिक 24 घंटे की बारिश है।

दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश में बना निम्न दबाव क्षेत्र, पहाड़ों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और तराई के करीब पहुंची मानसून ट्रफ के संयुक्त प्रभाव से बेहद भारी बारिश हुई।

बारिश का असर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पीलीभीत, खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, सीतापुर और शाहपुर जैसे क्षेत्रों में बढ़ सकता है। इसके बाद लखनऊ, कानपुर तथा पूर्वी यूपी की तराई से होते हुए बिहार तक बारिश पहुंच सकती है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है