जल्द बनेगा लो प्रेशर एरिया, दक्षिण भारत में भारी बारिश के आसार, इन इलाकों में खतरा

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Feb 16, 2026, 7:30 PM
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बंगाल की खाड़ी में बनेगा जल्द बनेगा लो प्रेशर एरिया

मुख्य मौसम बिंदु

  • बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर बनने के आसार
  • श्रीलंका में भारी से बहुत भारी बारिश संभव
  • दक्षिण तमिलनाडु और केरल में तेज वर्षा का खतरा
  • 21–22 फरवरी को तटीय क्षेत्रों में खराब मौसम की आशंका

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मध्य बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्से और भूमध्यरेखीय क्षेत्र के पास एक चक्रवाती परिसंचरण लंबे समय से बना हुआ है। अब अगले 24 घंटों में इसी क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। यह सिस्टम पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए मजबूत होगा और 17–18 फरवरी 2026 के दौरान श्री लंका के करीब पहुंच जाएगा। इसके असर से श्रीलंका के दक्षिणी हिस्से में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। कोलंबो, जहां वर्ल्ड कप मैच के दौरान बारिश नहीं हुई थी, वहां 17 से 19 फरवरी के बीच तेज मौसम गतिविधियां देखने को मिलेंगी। कोलंबो, गॉल, कैंडी और हंबनटोटा समेत आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसी बारिश हो सकती है। श्रीलंका का पूर्वी तट सबसे ज्यादा प्रभावित रहेगा।

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श्रीलंका से भारत के दक्षिणी सिरे तक बढ़ेगा असर

यह मौसम प्रणाली मजबूत होकर बहुत धीमी गति से श्रीलंका, कोमोरिन क्षेत्र और आसपास के इलाकों पर आगे बढ़ेगी। यह लो प्रेशर 21–22 फरवरी 2026 के बीच भारत के दक्षिणी सिरे के काफी करीब आ जाएगा। इसके प्रभाव से तमिलनाडु और केरल के दक्षिणी भागों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। यह सिस्टम अरब सागर में बहुत आगे नहीं बढ़ पाएगा और 25 फरवरी 2026 के आसपास भूमध्यरेखीय ट्रफ में मिलकर कमजोर पड़ सकता है।

19–23 फरवरी के बीच तेज मौसम, तटीय इलाकों में खतरा

दक्षिणी इलाकों में मौसम गतिविधियां पहले हल्के स्तर से शुरू होंगी, खासकर दक्षिण तटीय तमिलनाडु में 19 फरवरी से असर दिखना शुरू होगा और यह दौर 23 फरवरी 2026 तक जारी रह सकता है। 24 फरवरी से बारिश घटने लगेगी और 25 फरवरी के आसपास मौसम साफ होना शुरू हो सकता है। 20 से 23 फरवरी के बीच तमिलनाडु और केरल के दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश रहेगी। 21–22 फरवरी को तटीय क्षेत्रों में खराब मौसम का खतरा ज्यादा रहेगा। पंबन, टोंडी, तूतीकोरिन, कन्याकुमारी, तिरुवनंतपुरम, अलप्पुझा, पुनालूर, कोच्चि और दोनों राज्यों के अंदरूनी हिस्सों में भी तेज मौसम और बाढ़ वाली बारिश का जोखिम रहेगा। इन क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

श्रीलंका, दक्षिण तमिलनाडु और दक्षिण केरल के तटीय इलाकों पर है।

लगभग 17 से 23 फरवरी के बीच मुख्य गतिविधि रहेगी।

हाँ, कुछ तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है