बंगाल की खाड़ी में फिर बनेगा नया निम्न दबाव, ओडिशा-बिहार समेत पूर्वी भारत में भारी बारिश के आसार

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Aug 11, 2026, 2:15 PM
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मौसम अपडेट

मुख्य मौसम बिंदु

  • बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव बनने और गंगीय पश्चिम बंगाल व उत्तर ओडिशा की ओर बढ़ने की संभावना।
  • ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय से जोरदार हो सकता है।
  • 15 अगस्त को बारिश का असर पूर्वी यूपी और एमपी तक पहुंच सकता है।
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश के आसार।
  • Forecast Validity: पूर्वानुमान 13-21 अगस्त 2026 की अवधि के लिए है। 21 अगस्त तक बंगाल की खाड़ी में किसी अन्य महत्वपूर्ण सिस्टम के स्पष्ट संकेत नहीं हैं, लेकिन नए सिस्टम के

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उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर बने मौजूदा निम्न दबाव क्षेत्र के तुरंत बाद अब बंगाल की खाड़ी में एक और मौसम प्रणाली बनने जा रही है। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास के हिस्सों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से 13 अगस्त तक इसी क्षेत्र में नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। यह सिस्टम 13 अगस्त को गंगीय पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा के तट से होते हुए आगे बढ़ेगा। इसके बाद 14 अगस्त को यह ओडिशा, झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ के हिस्सों की ओर पश्चिम दिशा में बढ़ सकता है।

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इसके साथ ही करीब 22° उत्तरी अक्षांश के आसपास देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में एक पूर्व-पश्चिम दिशा में फैली शियर लाइन भी सक्रिय है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से 13 और 14 अगस्त को ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मानसून काफी सक्रिय और जोरदार हो सकता है। इसके बाद 15 अगस्त को बारिश का असर पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि, पिछले निम्न दबाव क्षेत्र के विपरीत इस बार बनने वाला सिस्टम देश के अंदरूनी हिस्सों में बहुत ज्यादा दूर तक जाने की संभावना नहीं है।

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16 अगस्त से पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में भारी बारिश का दौर

नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने के बाद इसके ज्यादा उत्तर की ओर खिसकने की संभावना है। इसके कारण मानसून ट्रफ भी बिहार, नेपाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश की तलहटी के करीब पहुंच सकती है। अगर ट्रफ लंबे समय तक इसी स्थिति में रहती है, तो 16 अगस्त से मानसून की सामान्य गतिविधियों में ब्रेक जैसी स्थिति बन सकती है। हालांकि, अभी यह तय करना मुश्किल है कि मानसून ट्रफ इस स्थिति में कितने समय तक बनी रहेगी।

इसी बदलाव के बीच 16 अगस्त से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश शुरू होने की संभावना है। इस दौरान बारिश की तीव्रता 20 अगस्त तक बनी रह सकती है और हिमालय की तलहटी से सटे इलाकों में बारिश ज्यादा गंभीर हो सकती है। पहाड़ी राज्यों, उत्तर प्रदेश और बिहार की तलहटी वाले क्षेत्रों को विशेष रूप से बहुत भारी बारिश के लिए सतर्क रहना होगा।

20 अगस्त तक पूर्वी हिस्सों में बारिश,दक्षिण भारत में मानसून सुस्त

16 से 20 अगस्त के दौरान देश के अधिकांश अन्य हिस्सों में बारिश की गतिविधियां काफी कम रहने की संभावना है। खासकर पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी भारत में मानसून गतिविधियां बेहद कमजोर रह सकती हैं। इसके विपरीत उत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों, उत्तर प्रदेश और बिहार की तलहटी वाले इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश का खतरा बना रहेगा।

मानसून की सामान्य गतिविधियों में दोबारा तेजी एक नए निम्न दबाव क्षेत्र के बनने के साथ आने की उम्मीद है। फिलहाल 21 अगस्त तक बंगाल की खाड़ी में किसी अन्य महत्वपूर्ण मौसम प्रणाली के बनने के स्पष्ट संकेत नहीं हैं। हालांकि, बंगाल की खाड़ी पर लगातार नजर रखी जाएगी, क्योंकि मानसून के दौरान यहां बनने वाली नई प्रणालियां बारिश के वितरण और तीव्रता में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। आने वाले दिनों में नए सिस्टम के बनने और उसकी दिशा पर निर्भर करेगा कि मानसून ब्रेक की स्थिति कितने समय तक रहती है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 13 अगस्त के आसपास नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश हो सकती है। हिमालय की तलहटी से सटे क्षेत्रों में बारिश अत्यधिक भारी भी हो सकती है।

नहीं, 16 से 20 अगस्त के दौरान पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी भारत में मानसून गतिविधियां काफी कमजोर रहने की संभावना है, जबकि पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में बारिश ज्यादा सक्रिय रहेगी।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है

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