दिल्ली-एनसीआर में तेज मानसूनी बारिश के आसार, वीकेंड पर फिर बरसेंगे बादल
मुख्य मौसम बिंदु
- दिल्ली में 1 से 11 अगस्त के बीच 234.5 मिमी बारिश दर्ज हुई।
- निम्न दबाव और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
- 14 और 15 अगस्त को निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से दिल्ली में तेज बारिश के आसार।
- 16 अगस्त से मानसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने से बारिश कमजोर हो सकती ।
- पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम पूर्वानु्मान 12 से 16 अगस्त 2026 तक मान्य है। मौसम प्रणाली में बदलाव होने पर इसे अपडेट किया जा सकता है।
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दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार 10 अगस्त को हल्की से मध्यम बारिश हुई। जिसमें सफदरजंग में 4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि लोधी रोड पर भी करीब इतनी ही बारिश हुई। वहीं, पालम में केवल ट्रेस यानी बहुत मामूली बारिश दर्ज हुई। गौरतलब है, दिल्ली के आधिकारिक रिकॉर्ड के लिए प्रमुख माने जाने वाले सफदरजंग केंद्र पर 1 से 11 अगस्त के बीच कुल 234.5 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि पूरे अगस्त की सामान्य बारिश 226.8 मिमी है। यानी महीने के पहले 11 दिनों में ही दिल्ली ने अगस्त की सामान्य बारिश का आंकड़ा पार कर लिया है।
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मानसून के सीजन में अगस्त दिल्ली के लिए सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव वाला महीना माना जाता है। बता दें, दिल्ली में अगस्त 2025 में 400.1 मिमी और अगस्त 2024 में 390.3 मिमी बारिश हुई थी। इसके मुकाबले अगस्त 2023 में केवल 91.8 मिमी और अगस्त 2022 में 41.6 मिमी बारिश दर्ज हुई थी। इस साल भी अगस्त में आने वाले दिनों में कई बार तेज बारिश होने की संभावना है। ऐसे में दिल्ली में अगस्त में लगातार तीसरे साल सामान्य से अधिक बारिश होने की हैट्रिक बन सकती है।
आज मध्यम से भारी बारिश, मौसम सिस्टम का आपस में असर
दिल्ली के आसपास इस समय बारिश के लिए दो मौसम प्रणालियां महत्वपूर्ण हैं। उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर एक निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है, जिससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण मध्यम ऊंचाई तक फैला है। दूसरी ओर, एक पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय है और उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों से आगे बढ़ रहा है। इन दोनों प्रणालियों के आपसी प्रभाव से आज दिल्ली और एनसीआर में मध्यम से भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश का निम्न दबाव क्षेत्र कल कमजोर हो जाएगा और बाद में मानसून ट्रफ में मिल जाएगा। हालांकि, इसके कमजोर होने के बावजूद इसके बचे हुए प्रभाव से दिल्ली में कल और उसके अगले दिन यानी शुक्रवार तक कुछ इलाकों में रुक-रुककर बारिश हो सकती है। इसके बाद बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। यह सिस्टम तेजी से जमीन की ओर बढ़ेगा और इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ सकता है। इससे मानसून ट्रफ फिर सक्रिय होगी और दिल्ली के आसपास बारिश का एक नया दौर शुरू हो सकता है।
14-15 अगस्त को फिर तेज बारिश, 16 से मौसम में बदलाव
नए निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से 14 और 15 अगस्त को दिल्ली में फिर तेज बारिश होने की संभावना है। इन दिनों कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 16 अगस्त से बारिश की गतिविधियों में कमी आने की उम्मीद है। इसका प्रमुख कारण मानसून ट्रफ का उत्तर की ओर खिसककर उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तलहटी के पास पहुंचना होगा। ट्रफ के दिल्ली से दूर जाने पर राजधानी में बारिश की तीव्रता और फैलाव दोनों कम हो सकते हैं।
पूरे सप्ताह दिल्ली का दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की संभावना है। आज, शुक्रवार और शनिवार जैसे बारिश वाले दिनों में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस या इससे नीचे रह सकता है। हालांकि, लगातार मध्यम से भारी बारिश के कारण दिल्ली के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में निचले इलाकों, अंडरपास और जलभराव वाले रास्तों पर लोगों को इस सप्ताह सावधानी बरतने की जरूरत है।
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