दिल्ली में जुलाई की बारिश सामान्य से ज्यादा, 2-3 अगस्त को फिर बरसेंगे बादल, जानें पूरा मौसम अपडेट

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jul 31, 2026, 12:55 PM
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दिल्ली एनसीआर में भारी बारिश, फोटो: AI-Generated

मुख्य मौसम बिंदु

  • सफदरजंग में जुलाई की कुल वर्षा 253.6 मिमी, सामान्य 195.8 मिमी से अधिक रही।
  • 2018 से लगातार नौवें वर्ष जुलाई में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज हुई।
  • अगले 24 घंटे केवल हल्की और छिटपुट बारिश की संभावना।
  • 2 और 3 अगस्त को बारिश की गतिविधियां सबसे ज्यादा रहने का अनुमान।
  • पूर्वानुमान वैधता: 31 जुलाई से 7 अगस्त 2026, जिसमें 2–3 अगस्त सबसे सक्रिय रहने की संभावना।

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दिल्ली के बेस स्टेशन सफदरजंग में 31 जुलाई की सुबह 8:30 बजे तक 3.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही जुलाई महीने में कुल वर्षा 253.6 मिमी पहुँच गई, जबकि सामान्य बारिश 195.8 मिमी होती है। यानी इस बार जुलाई में सामान्य से लगभग 30% अधिक बारिश हुई। अगर आज (31 जुलाई) सुबह 8:30 बजे के बाद बारिश होती है, तो उसे अगस्त महीने की बारिश में जोड़ा जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि 2018 से लगातार नौवें वर्ष दिल्ली में जुलाई के दौरान सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जुलाई में 259.3 मिमी बारिश हुई थी, जबकि 2024 में 203.7 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। इस अवधि में सबसे ज्यादा बारिश जुलाई 2021 में हुई थी, जब 507.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी।

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दिल्ली में बारिश क्यों कम हुई और आगे क्यों बढ़ेगी?

दिल्ली में मानसूनी बारिश का सबसे बड़ा कारण मानसूनी ट्रफ (Monsoon Trough) होती है। इसकी स्थिति ही तय करती है कि शहर में बारिश कितनी होगी। जब मानसूनी ट्रफ दिल्ली के करीब रहती है, तब अच्छी बारिश होती है। लेकिन अगर यह ट्रफ दिल्ली से करीब 200 किलोमीटर या उससे अधिक दक्षिण चली जाए, तो बारिश की गतिविधियाँ काफी कमजोर पड़ जाती हैं। फिलहाल मानसूनी ट्रफ जैसलमेर, उदयपुर और मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र पर बने डिप्रेशन के केंद्र से होकर गुजर रही है। यानी यह अभी दिल्ली से काफी दक्षिण में है। इसलिए अगले 24 घंटों में दिल्ली में किसी बड़ी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि स्थानीय मौसमीय परिस्थितियों के कारण कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।

डिप्रेशन कमजोर होगा, फिर दिल्ली के करीब आएगी मानसूनी ट्रफ

वर्तमान में बना डिप्रेशन मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा के आसपास स्थित है। इसके आगे की ओर चक्रवाती परिसंचरण और नमी का क्षेत्र सक्रिय है, जिसकी वजह से मानसूनी ट्रफ दक्षिण की ओर खिंच गई है। यह डिप्रेशन अगले 24 घंटों में कमजोर पड़ जाएगा। इसके बाद इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण उत्तर गुजरात और दक्षिण राजस्थान की ओर पहुंचेगा और फिर अगले दिन और उत्तर दिशा में आगे बढ़ेगा, हालांकि तब तक इसकी ताकत कम हो जाएगी। इसी बदलाव के साथ मानसूनी ट्रफ भी धीरे-धीरे उत्तर की ओर खिसकते हुए 2 अगस्त 2026 तक दिल्ली के काफी करीब आ जाएगी।

2 और 3 अगस्त को बढ़ेगी बारिश, पूरे सप्ताह मौसम रहेगा सुहावना

आज (31 जुलाई) और 1 अगस्त को दिल्ली में केवल हल्की, छिटपुट और असमान बारिश होने की संभावना है। 2 अगस्त से बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और 3 अगस्त को सबसे अधिक असर देखने को मिल सकता है। इसके बाद 4 अगस्त से बारिश की तीव्रता फिर कुछ कम हो जाएगी। हालांकि अगले पूरे सप्ताह हल्की बारिश या फुहारों का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 33°C (±1°C) रहने का अनुमान है। तापमान सामान्य रहेगा और उमस भी बहुत ज्यादा नहीं होगी। हालांकि 2 और 3 अगस्त को छोड़कर किसी भी दिन भारी बारिश की संभावना नहीं है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

दिल्ली की सफदरजंग वेधशाला में जुलाई 2026 के दौरान कुल 253.6 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य 195.8 मिमी से काफी अधिक है।

दिल्ली में 2 और 3 अगस्त को बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और इन्हीं दो दिनों में सबसे अच्छी वर्षा होने की संभावना है।

पूरे सप्ताह दिल्ली में हल्की बारिश या फुहारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान लगभग 33°C रहने की संभावना है और मौसम सुहावना रहेगा।

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है