गुजरात-राजस्थान में 7 दिन तक भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बाढ़ और जलभराव का खतरा
गुजरात और राजस्थान में अगले एक सप्ताह या उससे भी ज्यादा समय तक मानसून की जोरदार गतिविधि बनी रहेगी। इस सीजन में दोनों राज्यों में सामान्य से अच्छी बारिश हुई है, केवल अगस्त के शुरुआती दिनों में सूखे जैसे हालात रहे हैं। फिर भी, सीजनल बारिश सामान्य से ज्यादा रही है।
Advertisement
मौसम सिस्टम का मेल
Advertisement
छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्यप्रदेश पर बना निम्न दबाव क्षेत्र लगातार पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। इसका असर राजस्थान तक पहुंचेगा। सक्रिय मानसून ट्रफ भी राजस्थान से होकर गुजर रही है। वहीं, पंजाब पर बना चक्रवातीय क्षेत्र पश्चिमी विक्षोभ में मिलकर हरियाणा, उत्तर राजस्थान और तराई इलाकों तक पहुंच गया है। इन तीनों मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से गुजरात और राजस्थान में बारिश तेज होगी।
किन हिस्सों में ज्यादा असर
• गुजरात: उत्तरी और मध्य गुजरात में सबसे ज्यादा असर होगा। अहमदाबाद, गांधीनगर, बड़ौदा, आनंद, खेड़ा, अरावली, दाहोद, साबरकांठा, बनासकांठा, पाटन, मेहसाणा और पालनपुर जैसे इलाकों में जोरदार बारिश हो सकती है।
• राजस्थान: पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में ज्यादा असर दिखेगा। प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर, राजसमंद, पाली, जालोर और सिरोही जैसे जिले प्रभावित होंगे। राजधानी जयपुर, अजमेर, अलवर, टोंक और दौसा में मध्यम स्तर की बारिश होगी।
बाढ़ और जलभराव का खतरा
राजस्थान के पश्चिमी बॉर्डर वाले हिस्सों और गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र में शुरुआती दिनों में हल्की गतिविधि रहेगी। यहां भारी बारिश का दौर अगले हफ्ते के अंत तक ही देखने को मिलेगा। कई हिस्सों में लगातार बारिश से जमीन तरबतर हो जाएगी। ऐसे में स्थानीय बाढ़ और जलभराव की स्थिति बन सकती है। निचले इलाकों और संवेदनशील जगहों पर विशेष सतर्कता बरतनी होगी।
यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में झमाझम बारिश का अलर्ट, नैनीताल से पिथौरागढ़ तक भारी बारिश, भूस्खलन का बढ़ा खतरा
यह भी पढ़ें: अगस्त बनेगा दिल्ली के मॉनसून का सबसे बरसाती महीना, जानें मौसम का पूरा हाल
















