मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश में अगले 48 घंटे भारी बारिश, कई जिलों में जलभराव का खतरा
मुख्य मौसम बिंदु
- उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बना निम्न दबाव क्षेत्र अगले 48 घंटे तक बारिश को प्रभावित करेगा।
- सीधी और हरदोई में पिछले 24 घंटों में 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई।
- प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, झांसी, सागर, सतना और सीधी समेत कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा है।
- बारिश के साथ आकाशीय बिजली, तेज हवाएं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है; ओलावृष्टि की संभावना कम है।
- पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान 23 अगस्त तक मान्य है। सप्ताहांत के आसपास मानसून की तीव्रता काफी कम होने की संभावना है।
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छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डिप्रेशन अब उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए कमजोर हो गया है और निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया है। फिलहाल यह सिस्टम उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और इससे सटे दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण 20,000 फीट से अधिक ऊंचाई तक फैला हुआ है। अब यह सिस्टम धीरे-धीरे और कमजोर होगा और मानसून ट्रफ में मिल जाएगा। हालांकि, अगले 48 घंटे तक इसका प्रभाव बना रहेगा। पूर्व-पश्चिम दिशा में फैली मानसून ट्रफ का अक्ष पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश की सीमा के आसपास से गुजर रहा है। इसी क्षेत्र के आसपास अगले दो दिनों में भारी बारिश और गरज-चमक वाली गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
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यूपी-मध्य प्रदेश में 100 मिमी से ज्यादा बारिश, अगले दो दिन बढ़ेगा असर
पिछले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है। मध्य प्रदेश के सीधी और उत्तर प्रदेश के हरदोई में 24 घंटे में 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है।आने वाले दो दिनों में मौसमी मानसून ट्रफ और निम्न दबाव क्षेत्र की नजदीकी के कारण बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ने की संभावना है। चूंकि निम्न दबाव क्षेत्र के ज्यादा आगे बढ़ने की संभावना नहीं है, इसलिए इसके आसपास के क्षेत्रों में ही बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बार-बार हो सकती हैं। अगले 48 घंटों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होगी और अधिकांश स्थानों पर मौसम मध्यम बारिश तक सीमित हो सकता है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी
बारिश के लिहाज से प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, फुरसतगंज, ललितपुर, झांसी, टीकमगढ़, छतरपुर, दतिया, नौगांव, पन्ना, सागर, सतना, खजुराहो और सीधी सहित आसपास के क्षेत्रों पर नजर रहेगी। इन इलाकों में बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की भी संभावना है। हालांकि, ओलावृष्टि की संभावना बहुत कम है। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और स्थानीय स्तर पर जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। इसलिए निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
सप्ताहांत तक कमजोर होगा मानसून का असर
मौजूदा निम्न दबाव क्षेत्र और इसके अवशेष अगले करीब 48 घंटों में काफी कमजोर होकर खत्म हो जाएंगे। इसके बाद सप्ताहांत के आसपास मानसून की मौजूदा तीव्रता में काफी कमी आने की संभावना है। हालांकि, मौसम की गतिविधियां पूरी तरह खत्म नहीं होंगी। 23 अगस्त 2026 के आसपास बंगाल की खाड़ी और इससे सटे तटीय क्षेत्रों में एक नया मौसम सिस्टम बनने की संभावना है। लेकिन इस नए सिस्टम का मुख्य प्रभाव मौजूदा सिस्टम से अलग रहेगा।
नए सिस्टम के कारण तेज मौसम गतिविधियां मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा तक सीमित रहने की संभावना है। हालांकि, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के वे सीमावर्ती हिस्से, जो इन पूर्वी राज्यों के करीब हैं, वहां भी मुख्य गतिविधि का कुछ प्रभाव देखने को मिल सकता है।
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