दिल्ली में मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेहाल, जलभराव और जाम से थमा एनसीआर

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jul 9, 2026, 12:50 PM
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दिल्ली-एनसीआर में भारी बरसात, फोटो: Indian Express

मुख्य मौसम बिंदु

  • दिल्ली-एनसीआर में पिछले 24 घंटों से कई स्थानों पर भारी बारिश।
  • नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और बुलंदशहर में सबसे अधिक प्रभाव।
  • जलभराव के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित, उड़ानों में देरी की संभावना।
  • कमजोर निम्न दबाव क्षेत्र, मानसूनी ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ से भारी बारिश।
  • पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान 12 जुलाई तक मान्य है।

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दिल्ली-एनसीआर में पिछले 24 घंटों से लगातार भारी बारिश हो रही है। बारिश की शुरुआत कल दोपहर से हुई थी और कई क्षेत्रों में यह लगभग बिना रुके जारी है। पूर्वी और उत्तर-पूर्वी एनसीआर के हिस्सों में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मेरठ और अलीगढ़ में बारिश का असर सबसे ज्यादा रहा। वहीं, दिल्ली के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में भी तेज बारिश हुई।

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दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र पर सुबह 8:30 बजे तक बीते 24 घंटों में 72.6 मिमी और पालम में 63 मिमी बारिश दर्ज की गई। लोधी रोड सबसे अधिक 80.2 मिमी वर्षा के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि रिज में 78 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। फिलहाल पूरे दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुक कर बारिश जारी है।

जलभराव से यातायात प्रभावित

लगातार हो रही बारिश के कारण दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। कई अंडरपास बंद होने की आशंका है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है। जगह-जगह लंबा जाम देखने को मिल रहा है। हवाई सेवाओं पर व्यापक असर की संभावना कम है, क्योंकि अधिकांश बादल परतदार (Sheet Clouds) हैं और गरज वाले बादलों के बीच विमानों के लिए पर्याप्त मार्ग उपलब्ध है। हालांकि, भारी बारिश, कम दृश्यता और तेज क्रॉस-विंड के कारण उड़ानों के टेकऑफ और लैंडिंग में देरी हो सकती है। यात्रियों को अपनी उड़ान की स्थिति एयरलाइन से पहले ही जांच लेने की सलाह दी जाती है।

क्यों हो रही है इतनी तेज बारिश?

उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश पर बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र अब कमजोर होकर उत्तर मध्य प्रदेश, उत्तर-पूर्व राजस्थान और दिल्ली क्षेत्र तक पहुंच गया है। राजस्थान से गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल तक फैली मानसूनी ट्रफ (Monsoon Trough) इसी निम्न दबाव क्षेत्र से होकर गुजर रही है। इसके साथ ही, उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भी इस प्रणाली के साथ मिलकर बादलों की गतिविधियों को बढ़ा रहा है और उनके आगे बढ़ने की गति को धीमा कर रहा है। यही कारण है कि दिल्ली-एनसीआर में लंबे समय तक लगातार बारिश देखने को मिल रही है।

आज कैसा रहेगा मौसम?

आज पूरे दिन दिल्ली और आसपास के इलाकों में घने बादल छाए रहने की संभावना है। रुक-रुक कर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान मध्यम से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। बारिश के कारण दिन का अधिकतम तापमान 27°C (±1°C) के आसपास रहने की संभावना है, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम अधिकतम तापमान हो सकता है।

कब मिलेगा बारिश से राहत?

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बारिश की यह गतिविधि आज रात तक जारी रहने की संभावना है। इसके बाद निम्न दबाव क्षेत्र का परिसंचरण पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तराई की ओर खिसक जाएगा और अगले 48 घंटों में कमजोर पड़ जाएगा। साथ ही, मानसूनी ट्रफ शुक्रवार और शनिवार तक दिल्ली के उत्तर की ओर खिसक जाएगी। इसके बाद दिल्ली बारिश के मुख्य क्षेत्र से बाहर हो जाएगी। हालांकि, इन दो दिनों के दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश या बौछारें जारी रह सकती हैं।12 जुलाई से दिल्ली-एनसीआर में मौसम के साफ होने और बारिश में कमी आने की संभावना है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

कमजोर निम्न दबाव क्षेत्र, सक्रिय मानसूनी द्रोणिका और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से लगातार बारिश हो रही है।

हां, 10 से 12 जुलाई तक रुक-रुक कर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

12 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी और मौसम के व्यापक रूप से साफ होने की संभावना है

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है