दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर सक्रिय, चेन्नई और तटीय इलाकों में बरसात का अलर्ट
चेन्नई और उपनगरों में अगले लगभग 48 घंटों तक भारी बारिश होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में शहर और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज हुई है। मीनंबक्कम और नुंगमबक्कम दोनों ही ऑब्ज़र्वेटरीज़ में बारिश 1 मिमी से कम रिकॉर्ड हुई। वहीं, दक्षिणी तटीय हिस्सों जैसे कड्डलोर, कराईकल और पंबन में मध्यम से भारी बारिश देखने को मिली। अब, पूरे तटीय क्षेत्र में, खासकर चेन्नई शहर में मध्यम से भारी बारिश की उम्मीद है। यह नवंबर महीने में शहर और उपनगरों के लिए पहला अच्छा बारिश का दौर हो सकता है।
Advertisement
Advertisement

चेन्नई के दक्षिण–पूर्व में समुद्र (Southwest Bay of Bengal–Sri Lanka के पास) हवा के घुमाव का बड़ा चक्र दिख रहा है, Skymet Live Page
नवंबर चेन्नई का सबसे बारिश वाला महीना
नवंबर महीना चेन्नई के लिए सबसे अधिक बारिश वाला होता है, जिसकी सामान्य औसत 377.3 मिमी है। हालांकि, इस बार बारिश काफी कम हुई है। 1 से 17 नवंबर के बीच एयरपोर्ट ऑब्ज़र्वेटरी में सिर्फ 42.2 मिमी बारिश हुई है। नुंगमबक्कम में इसी अवधि में सिर्फ 12.8 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो बहुत कम है। पिछले 5 वर्षों में दोनों ही स्टेशनों पर अच्छी बारिश हुई थी, लेकिन इस सीजन में काफी कमी है। मौजूदा बारिश का दौर अगले दो दिनों तक अच्छी बारिश देने का वादा कर रहा है, जिसमें अगले 24 घंटे सबसे ज्यादा सक्रिय रहेंगे। इस सप्ताह के दूसरे हिस्से में एक और लंबे बारिश के दौर की संभावना बन रही है।
निम्न दबाव और चक्रवाती परिसंचरण मिलकर बढ़ाएंगे बारिश
फिलहाल, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका क्षेत्र में एक निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय है। तट के साथ एक कमज़ोर उत्तर-दक्षिण ट्रफ मौजूद है, जिसे ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण का समर्थन मिल रहा है। इन सभी सिस्टमों का संयुक्त प्रभाव घने बादल, मध्यम से भारी बारिश, और गरज-चमक वाले बादल पैदा करेगा, खासकर तटीय क्षेत्रों और चेन्नई शहर में। बारिश कभी भी दिन के दौरान शुरू हो सकती है। शाम और रात में बारिश की तीव्रता और विस्तार दोनों बढ़ेंगे। कल भी मध्यम बारिश जारी रहेगी।
आगे के दिनों में बारिश का पूर्वानुमान
शहर के दक्षिणी हिस्सों में बारिश अधिक भारी होगी और तांबरम, पुदुचेरी, कड्डलोर और कराईकल तक फैल जाएगी। परसों बारिश में कुछ कमी आएगी, लेकिन यह राहत बहुत छोटी होगी। क्योंकि सप्ताहांत के करीब एक बार फिर से बारिश शुरू हो जाएगी। हालांकि, वीकेंड की बारिश बहुत भारी नहीं होगी, लेकिन अगले सप्ताह के मध्य में फिर से तेज बारिश की संभावना है।
यह भी पढ़ें: नवंबर के दूसरे हफ्ते में उत्तर-पूर्व मानसून कमजोर, अधिशेष बारिश हुई कम
Advertisement
यह भी पढ़ें: दिल्ली-एनसीआर में दमघोंटू प्रदूषण, सांस लेना हुआ मुश्किल, ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचा AQI
Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है।
















